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शहीद के पिता ने पोते के लिए कही बड़ी बात, फख्र से चौड़ा होगा हर भारतीय का सीना

Thu, 20 Jun 2019 04:54 PM IST
अरविन्द ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, थानाकलां/लठियाणी
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- फोटो : अमर उजाला
अनिल की पत्नी सविता के हाथों की मेहंदी अभी उतरी भी नहीं थी। हाथों के चूड़े की खनक कम भी नहीं हुई थी कि पति की शहादत ताउम्र के लिए न भूलने वाले जख्म दे गई। अनिल और सविता की शादी को हुए दो वर्ष भी पूरे नहीं हो पाए हैं। चार माह का मासूम बच्चा पिता को पहचानता भी नहीं था कि परिवार के साथ ऐसा हादसा हो गया।
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- फोटो : अमर उजाला
शव को देखते ही शहीद अनिल की पत्नी, बहन और मां शव से लिपट कर बिलख-बिलख कर रो पड़ीं। हर व्यक्ति पाकिस्तान के खिलाफ गुस्सा उगल रहा था। शहीद के गांव के लोग भी अनिल का चेहरे देखने के लिए बेताब दिखे। सेना के जवानों से चेहरा दिखाने के लिए बार-बार आग्रह करते रहे। ऐसे माहौल में शहीद का चार माह का बेटा कमरे में बेखर सो गया।
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- फोटो : अमर उजाला
थोड़ी देर के बाद चार माह के बेटे दीक्षु को कमरे से बाहर लाया गया। शहीद की पत्नी सविता ने रुंधे गले से बताया कि देश की सरकार को पाकिस्तान से एक बार ही आर-पार की लड़ाई लड़ लेनी चाहिए। बार-बार के आतंकी हमलों से न जाने कितनी सुहागिनों के सुहाग उजड़ गए हैं, कितनी मांओं के बेटे कुर्बान को गए हैं। एक ही बार की जंग से पाकिस्तान का नाम मिटा देना चाहिए।

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- फोटो : अमर उजाला
शहीद के पिता अशोक कुमार ने कहा कि पूरे परिवार को अनिल की शहादत पर गर्व है। उन्होंने कहा कि वह स्वयं सेना से सेवानिवृत्त हुए हैं और उनके पिता भी सेना में कार्यरत थे। परिवार का इतिहास सेना से जुड़ा है।
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- फोटो : अमर उजाला
ऐसे में वह चाहते हैं कि शहीद अनिल का 5 महीने का बेटा वरुण भी बड़ा होकर फौज में जाए और देश की सेवा करे। शहीद के पिता ने कहा कि उनकी बहू पढ़ी-लिखी है।
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- फोटो : अमर उजाला
ऐसे में सरकार उसे सरकारी नौकरी दे। साथ ही उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से देश को उम्मीद है कि वह सेना को आधुनिक बनाएंगे ताकि देश के दुश्मनों को मुंहतोड़ जवाब दिया जा सके।
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- फोटो : अमर उजाला
सविता ने रोते हुए कहा कि वह पति को 15 दिन पहले बस में मैहरे तक छोड़ने गई थी। अनिल ने उसे इस वर्ष दिवाली घर में ही मनाने का वायदा किया था लेकिन भगवान को कुछ और ही मंजूर था कि पत्नी और परिवार की हसरतें पूरा नहीं हो पाईं।
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