हिमाचल में भारी बर्फबारी और बारिश के बाद गुरुवार को मौसम खुलते ही कई इलाकों में पहाड़ दरकने लगे हैं।बर्फबारी से प्रदेश में अब भी 100 से ज्यादा सड़कें बंद हैं। कई जगहों पर बिजली-पानी भी गुल है।
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जिला चंबा में गुरुवार को पूरा दिन धूप खिली। धूप निकलने के बाद विभिन्न मार्गों पर पहाड़ दरके। इस कारण वाहनों की आवाजाही पर ब्रेक लग गई। किन्नौर, आनी और रामपुर के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में पिछले दिनों बर्फबारी होने से कई ग्रामीण सड़कें बंद हैं।
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गुरुवार दोपहर बाद नारकंडा के पास एनएच पांच शिमला-रामपुर बहाल हुआ। उधर, लगातार बारिश से फोरलेन के लिए हुई पहाड़ी की कटिंग में कुल्लू-मनाली एनएच पर जगह-जगह भूस्खलन होने के चलते मार्ग बंद रहा।
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मंगलवार को 14 घंटे बंद रहने के बाद एक बार फिर एनएच-21 मलबे और चट्टानें आने के कारण लगभग 12 घंटे बंद रहा। बुधवार रात को फिर से पतलीकूहल के समीप 16 मील में भारी मलबा आने के चलते एनएच यातायात के लिए अवरुद्ध हो गया। सुबह दस बजे इसे बहाल किया जा सका।
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चंबा जिला में भारी बारिश व बर्फबारी से लोक निर्माण विभाग को करीब 124 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। अब भी जिला में करीब तीन दर्जन मार्ग ठप चल रहे हैं जबकि 182 गांवों में अभी अंधेरा पसरा हुआ है।
शुक्रवार को प्रदेश के मैदानी क्षेत्रों में मौसम साफ रहने और कुछ मध्य व उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में हल्की बारिश-बर्फबारी होने की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने दो और तीन मार्च को पूरे प्रदेश में भारी बारिश-बर्फबारी होने की चेतावनी जारी की है। पांच मार्च तक प्रदेश में मौसम खराब रहने के आसार हैं।