फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मकर संक्रांति: हिमाचल के तत्तापानी में श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी, देखें तस्वीरें

Thu, 14 Jan 2021 05:11 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, करसोग(मंडी)
विज्ञापन
1 of 7
तत्तापानी में श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी - फोटो : अमर उजाला
हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के करसोग उपमंडल के तहत धार्मिक तीर्थ एवं पर्यटन स्थल तत्तापानी में लोहड़ी एवं मकर संक्रांति पर्व सादगी से मनाया गया। कोरोना वायरस के चलते प्रशासन ने मेले का आयोजन नहीं किया, लेकिन सूक्ष्म रूप से परंपराओं का निर्वहन कर श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई। सुबह ही श्रद्धालु गर्म पानी के चश्मों में नहाने उमड़ पड़े। इस दौरान श्रद्धालुओं ने तुलादान भी करवाया।  मंड़ी के सांसद रामस्वरुप शर्मा ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई।
विज्ञापन

2 of 7
तत्तापानी - फोटो : अमर उजाला
हालांकि यह पर्व कोरोना महामारी के कारण इस बार प्रशासनिक देख-रेख में नहीं मनाया गया। कोरोना के चलते इस बार तत्तापानी में इतनी भीड़ नहीं देखी गई जितनी हर वर्ष होती थी। शिमला-करसोग मार्ग पर तत्तापानी में कुछ ही दुकानें सजी रहीं। लोगों को इस बार भी लोहड़ी और मकर संक्रांति का बेसब्री से इंतजार था, लेकिन वैश्विक महामारी ने विश्वभर में श्रद्धालुओं को मायूस कर दिया है।
 
विज्ञापन

3 of 7
तत्तापानी - फोटो : अमर उजाला
इसी तरह गर्म पानी के चश्मों के समीप भी दुकानें कम ही सजाई गई हैं। लोहड़ी और मकर संक्रांति पर्व मेला पूरा महीना चलता है। इसमें देश सहित प्रदेश के कोने-कोने से श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में मेले के दौरान लाखों का कारोबार होता है, लेकिन इस बार मेला न लगने से कारोबारियों को निराशा ही हाथ लगी।

4 of 7
1995 किलोग्राम खिचड़ी पकाने का विश्व रिकॉर्ड - फोटो : अमर उजाला
तत्तापानी में सतलुज नदी में बनी झील में साहसिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिला है। श्रद्धालु भी जमकर लुत्फ उठा रहे हैं। किश्ती, शिकारा संचालकों ने कहा कि कोरोना के कारण कम लोग आए हैं। बीते वर्ष मकर संक्रांति के अवसर पर एक ही बर्तन में 1995 किलोग्राम खिचड़ी पकाने का विश्व रिकॉर्ड गिनीज बुक में दर्ज हुआ था। सवा सात फीट चौड़े, चार फीट ऊंचे बर्तन में 25 शेफ की मदद से पांच घंटे में इस खिचड़ी को तैयार किया गया। विशाल पतीले का वजन क्रेन की मदद से उठाकर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के प्रतिनिधि ऋषि नाथ की उपस्थिति में किया गया था।



 
विज्ञापन

5 of 7
तत्तापानी - फोटो : अमर उजाला
खिचड़ी के नए विश्व रिकॉर्ड का सर्टिफिकेट मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को गिनीज बुक आफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के प्रतिनिधि के माध्यम से सौंपा गया। पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन विभाग की और से इस इवेंट का आयोजन किया गया था। एक ही बर्तन में 25 कुक लगाए गए जिसमें 15 विशेष शेफ थे। हरियाणा की मशहूर मार्केट जगाधरी से खिचड़ी के लिए एक बड़ा पतीला मंगाया गया था।
विज्ञापन

6 of 7
- फोटो : अमर उजाला
इसमे लिए एक ईंट की एक विशेष भट्टी बनाई गई थी। करीब एक लाख की खाद्य सामग्री इसमें लगी जिसे तैयार करने में पांच क्विंटल लकड़ी लगी। पांच घंटे तक खिचड़ी पकने के बाद क्रेन की मदद से विशाल पतीले को भट्टी से उतारा गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

7 of 7
तत्तापानी में सांसद रामस्वरुप शर्मा - फोटो : अमर उजाला
तत्तापानी में गर्म पानी के चश्मों की उत्पत्ति के बारे में तरह-तरह की किंवदंतियां प्रसिद्ध हैं। पुराणविद्धों के अनुसार ततापानी के बारे में एक किंवदंती ये है कि प्राचीनकाल में इस क्षेत्र में परशुराम के पिता ऋषि जमदग्नि तपस्या कर रहे थे। उन्होंने इस तपोस्थली में गर्म पानी के चश्मे प्रकट किए। एक अन्य किंवदंती यह भी है कि यहां पर जमदग्नि ऋषि के पुत्र परशुराम स्नान कर रहे थे। उन्होंने जब अपने वस्त्र निचोड़े तो यहां पर गर्म पानी हो पैदा हो गया। यहां गंधक के पहाड़ हैं। इनसे गैस बनती है, उनसे भी गर्म पानी निकलता है।


 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें