उन्होंने बेहद कम समय में ही कांगणीधार से शहर के प्रसिद्ध मंदिरों, व्यास के तटों, सुकेती और पड्डल सहित अन्य स्थानों को कांगणी से निहारा। जाते-जाते उनके दोनों हेलीकाप्टरों ने मंडी शहर की तीन बार परिक्रमा की। यही नहीं अपने भाषण में उन्होंने कहा कि हिमाचल का हवाई सफर उन्हें हमेशा रोमांचित करता है।