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सरकारी अफसर नहीं यहां देवता ने जो लकीर खींच दी वहीं खत्म हो जाता है जमीन विवाद

Mon, 05 Sep 2016 03:58 PM IST
विजय खाची/अमर उजाला, शिमला
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जमीन विवाद सुलझाने के लिए लोग आज भी राजस्व विभाग के पास नहीं, बल्कि देवताओं के पास जाते हैं। हिमाचल के शिमला जिले में भले ही जमीन विवाद पीढ़ियां पुराना ही क्यों न हो, देवता के पास हर विवाद का निपटारा होता है। देवता ने जमीन की जो डिमार्केशन कर दी उसे दोनों पक्ष खुशी-खुशी मान लेते हैं। उन्हें पूरा विश्वास होता है कि देवता ने उनके साथ न्याय किया है। इतना ही नहीं राजस्व विभाग के अफसर भी देवता के फैसले को मानते हैं।
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जिस जमीन का रिकॉर्ड विभाग के पास नहीं होता है उसे देवता के फैसले के अनुसार ही दुरुस्त किया जाता है। शिमला जिले के मधान और सराज परगना के सैकड़ों गांवों में देवता ही ज्यादातर भूमि विवादों का निपटारा करते हैं। सराज के पन्दोई देवता साहब और मधान के डोडेश्वर महाराज जमीन विवाद सुलझाने के लिए खास तौर पर जाने जाते हैं। परगना के लाखों लोग उन्हीं के पास आते हैं। गुहार लगाने के बाद देवता पालकी में सवार होकर उनके गांव आते हैं।
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देवता के आदेश पर गूर विवादित जमीन में जाता है और दोनों पक्षों को उनकी जमीन की हद बता देता है। दोनों पक्ष इसे मान लेते हैं और सरकारी रिकॉर्ड में भी चढ़वा लेते हैं। देवता पन्दोई के  पूर्व भंडारी दया राम वर्मा का कहना है कि देवता सैकड़ों मामलों को सुलझा चुके हैं। आज तक किसी ने देवता के फैसले के विरुद्ध आवाज नहीं उठाई। देवता दोनों पक्षों के साथ न्याय करते हैं।

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कुल्लू के देवता करते थानेदारी और पंची- कुल्लू घाटी के धूमल नाग को थानेदार के रूप में भी जाना जाता है। कुल्लू दशहरा में लाखों की भीड़ में ट्रैफिक का जिम्मा उनके पास होता है। छमाणी नारायण देवताओं के पंच हैं जो उनके विवाद निपटाते हैं। भागा सिद्ध माता धूम्रपान निषेद का जिम्मा संभाले हुए हैं। यहां देवता के आदेश पर टीवी, मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरण भी तय दिनों में लोगों को बंद रखने पड़ते हैं। लोग आज भी आस्था के चलते उनके आदेशों को मानते हैं।
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एसडीएम शिमला ग्रामीण जीएस नेगी ने कहा कि पन्दोई साहब सराज क्षेत्र के सबसे बड़े देवता हैं। लोग विवाद सुलझाने देवता के पास जाते हैं।
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जिन लोगों का जमीन का रिकॉर्ड विभाग के पास नहीं होता है या विवाद होता है वह देवता से गुजारिश करते हैं। सहमति बनने पर लोग संतुष्ट हो जाते हैं। विभाग को भी सहूलियत होती है।
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