अगर आप घंटों खड़े रहकर काम कर रहे हैं तो सावधान हो जाइए। इससे वेंस अल्सर बीमारी हो सकती है। इसका खुलासा फोर्टिस अस्पताल के चिकित्सक ने किया। आईजीएमसी में सर्जरी विभाग की गोल्डन जुबली मौके पर नेशनल कांफ्रेंस करवाई गई। फोर्टिस अस्पताल के डॉक्टर रवुल जिंदल ने वेरीकोज वेंस एंड वेरिअस अल्सर पर स्पीच दी।
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वेंस अल्सर
डॉ. जिंदल ने बताया कि वेरीकोज वेंन एक ऐसी बीमारी है जिससे पैरों की नसें मोटी हो जाती है। यदि समय रहते इलाज न करवाया गया तो वेरीकोज वेंस अल्सर में बदल जाती है। कम उम्र की युवतियों में भी वेरीकोज वेंन पनप सकता है। इस मौके पर बीएचयू, डीएचयू, पुणे, दिल्ली, चंडीगढ़, टांडा और यूके की फेकल्टी स्पीच देने अस्पताल पहुंचे हैं। नार्थ इंडिया के डेलिगेट्स ने भी कार्यक्रम में शिरकत की है। कार्यक्रम के आर्गेनाइजर डॉ. पुनीत महाजन, डॉ. डीके वर्मा और चेयरमैन डॉ. केएस जसवाल है।
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वेंस अल्सर
केमिस्ट की शॉप, फ्रूट व सब्जी की दुकानों में ज्यादा समय तक खड़े रहना पड़ता है। ऐसे व्यक्तियों को वेंस अल्सर हो सकता है। टांगों पर बढ़ते दबाव के कारण व्यक्ति की नीली नसें साफ दिखाई देनी लगती हैं। घाव बनने तक शुरू हो जाते है।
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वेंस अल्सर
वेरीकोज अल्सर महिलाओं के गर्भाधारण के दौरान नसों का फूलना, मोटापा है। वही लंबे समय तक खड़े रहना से भी वेरीकोज अल्सर हो सकता है।
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वेंस अल्सर
वेरीकोज अल्सर में अल्ट्रासाउंड करके इस बीमारी का पता लगाया जा सकता है। डॉ. रवुल जिंदल ने बताया कि टाइट मौजें पहनने, ओपन सर्जरी और लेजर ट्रीटमेंट करके उपचार दिया जाता है।
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वेंस अल्सर
अगर पॉपुलेशन के मुताबिक देखा जाए तो 4 से 5 लोग इस बीमारी से पीड़ित पाए गए हैं।