हिमाचल के हमीरपुर के जिला परिषद वार्ड गसोता से कांग्रेस और भाजपा के धुरंधरों को मात देकर चुनाव जीतने वाली 23 साल की ईशा यंग ब्लड के लिए कुछ करना चाहती हैं। गैर राजनीतिक परिवार से संबंध रखने वाली ईशा समाज के हर तबके के लिए बिना किसी भेदभाव के काम करेंगी। अमर उजाला ने भविष्य के बारे में ईशा से कुछ सवाल किए।
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23 की उम्र में बनी जिला परिषद, पंचायतों से सबसे पहले करेगी ये काम
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सवाल: गांव के लिए क्या पंचवर्षीय योजना है? उत्तर: समय बहुत कीमती होता है। पांच सालों में जिला परिषद वार्ड में आती एक दर्जन पंचायतों में स्ट्रीट लाइटें लगाई जाएंगी। कूड़े-कचरे की समस्या से निपटने के लिए पंचायतों में डस्टबिन रखवाए जाएंगे। क्षेत्र में पेयजल की समस्या है, आईपीएच विभाग के अधिकारियों से समस्या का निपटारा करवाया जाएगा।
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23 की उम्र में बनी जिला परिषद, पंचायतों से सबसे पहले करेगी ये काम
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सवाल: बीपीएल परिवारों के चयन में कई बार वोट बैंक आड़े आ जाता है। इसमें कई तरह की अनियमितताएं सामने आती रही हैं। पात्र परिवार के चयन और निर्धनों को लाभांवित करने के लिए क्या करेंगी? उत्तर: पात्र परिवारों को बीपीएल सूची में शामिल किया जाएगा। साधन संपन्न लोगों के नाम सूची से बाहर होंगे। सवाल: आप अभी युवा हैं, युवा वर्ग को खास उम्मीदें हैं। क्या सोचा है? उत्तर: श्रम एवं रोजगार विभाग से संपर्क कर इलाके में रोजगार जागरूकता शिविर लगाए जाएंगे। स्वरोजगार के लिए भी युवाओं को प्रेरित किया जाएगा।
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सवाल: महिला होने के नाते उनकी समस्याओं को कैसे निपटाएंगी? उत्तर: घरेलू हिंसा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। महिलाओं को उनके अधिकारों तथा कानूनों के बारे में जागरूक किया जाएगा। बुजुर्गों के लिए बुढ़ापा पेंशन के अलावा अन्य स्कीमें प्रभावी ढंग से लागू करवाई जाएंगी। चलने-फिरने में असमर्थ लोगों को घर पर सुविधाएं मुहैया करवाने के प्रयास किए जाएंगे।
23 की उम्र में बनी जिला परिषद, पंचायतों से सबसे पहले करेगी ये काम
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सवाल: गांव की राजनीति को कैसे देखती हैं। उत्तर: कांग्रेस और बीजेपी तथा दूसरी राजनीतिक पार्टी से न जुड़कर समाज सेवा प्राथमिकता रहेगी। सभी पंचायत प्रतिनिधियों का सहयोग से विकास कार्य करवाए जाएंगे। सवाल: परिवार का सदस्य इससे पहले चुनाव लड़ा है? उत्तर: नहीं, परिवार का कोई सदस्य राजनीति में नहीं। पिता ज्वैलर्स का काम करते हैं और माता गृहिणी हैं। मन में समाज सेवा की ललक थी और पंचायत चुनाव में कूद गईं।