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शिमला के आसमान में नजर आया स्पेस स्टेशन, देखने उमड़ी भीड़, तस्वीरें

Sun, 27 Nov 2016 10:34 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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- फोटो : ‍अमर उजाला
फिल्म 'कोई मिल गया' के रहस्यमयी स्पेस स्टेशन की तरह शिमला में भी लोगों ने आसमान में ऐसा ही कुछ देखा। 1 मिनट के लिए दिखे इस नजारे को देखने के लिए सब बेताब थे।
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अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) शनिवार शाम को शिमला के रिज मैदान से देखा गया। आम लोगों और पर्यटकों ने इसे देखने का लुत्फ लिया। किसी ने टका बैंच से देखा तो किसी ने इसे आसपास कहीं और जगह से देखा।
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अमेरिका की स्पेस एजेंसी नासा ने इसे शिमला से नंगी आंखों से देखने के लिए एक संशोधित समय-सारिणी जारी की है। इसके मुताबिक इसे शाम के वक्त अब चार दिसंबर तक देखा जा सकेगा। केवल तीन दिसंबर को ही नहीं दिखेगा। शनिवार को ये स्पेस स्टेशन लगभग एक मिनट के लिए ही देखा जा सका। शाम को ठीक 6 बजकर 37 मिनट के बाद ये नजर आया। ये स्पेस स्टेशन दक्षिणी-पूर्व दिशा से चलना शुरू हुआ और तेजी से थोड़ा आगे जाकर दक्षिण-पूर्व दिशा में ही छिप गया।

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यानी शिमला के रिज मैदान के टका बैंच से जब इसे देखा गया तो आसमान में ये चर्च के निचली ओर से ऊपर की तरफ जाता नजर आया और जाखू मंदिर की दिशा में चर्च के पीछे छिपता नजर आया। ये स्पेस स्टेशन चलते तारे की तरह दिखा।
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इस स्टेशन में वैज्ञानिक बैठे हुए हैं। वे विभिन्न विषयों पर शोध कर रहे हैं। दुनिया भर के वैज्ञानिकों की नजरें इन दिनों शिमला के आसमान पर टिकी हुई हैं। अमर उजाला ने ही ये खुलासा किया था कि खगोल वैज्ञानिकों की सबसे बड़ी अंतरिक्ष प्रयोगशाला यानी इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (आईएसएस) पिछले कई दिनों से शिमला के आसमान के ऊपर से चक्कर काट रहा है।
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यह स्टेशन चमकदार तारे की तरह नजर आ रहा है। ये तेजी से आगे बढ़ता है। इसे अमेरिका, रूस, फ्रांस समेत 15 देशों की कई बड़ी स्पेस एजेंसियों ने मिलकर तैयार किया है। इसकी जानकारी अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने अपनी वेबसाइट पर दी है। ये लगभग 400 किलोमीटर की दूरी पर पृथ्वी का चक्कर काट रहा है। 90 मिनट के भीतर पृथ्वी की परिक्रमा कर रहा है। यानी 28000 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से पृथ्वी की परिक्रमा कर रहा है। आईएसएस ऐसा कृत्रिम उपग्रह है, जिसके भीतर अंतरिक्ष विज्ञानी आधुनिक प्रयोग करते आ रहे हैं। भारतीय मूल की अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स 2012 में दो अन्य सहयोगियों के साथ इसमें चार महीने रह चुकी हैं।
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रविवार को ये स्टेशन दक्षिण-पश्चिमी दिशा में शाम सात बजकर 20 मिनट के बाद एक मिनट तक चलता नजर आएगा। ये दक्षिण-पश्चिम दिशा में ही छिपेगा। सोमवार को ये तीन मिनट के लिए छह बजकर 28 मिनट के बाद दक्षिण-पश्चिम से दक्षिण-पूर्व की ओर जाता दिखेगा। मंगलवार को तो ये दो बार पांच बजकर 39 मिनट पर तीन मिनट के लिए दक्षिण-पूर्व से पूर्व दिशा की ओर और 7 बजकर 14 मिनट पर एक मिनट के लिए पश्चिम से पश्मिोत्तर दिशा में जाता नजर आएगा।
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