सोमवार सुबह से ही देवी-देवताओं के देवलुओं, कारकून और हारियान देवताओं के ठहराव वाली जगहों पर अस्थायी शिविरों को सजाने में लगे रहे। ढालपुर में आनी-निरमंड, बंजार, सैंज, गड़सा, मणिकर्ण और ऊझी घाटी के करीब 200 देवी देवता अस्थायी शिविरों में विराजमान हो गए हैं।