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वीडियो: वायु सेना बनी देवदूत, बचाई हजारों जिंदगियां, जांबाजों की सब कर रहे तारीफ

Sat, 29 Sep 2018 09:14 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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 लाहौल-स्पीति जिले में बर्फ में फंसे देश-विदेश के सैलानियों को निकालने के लिए शुक्रवार को पांचवें दिन भी रेस्क्यू ऑपरेशन जारी रहा। वायुसेना ने अपनी टास्क फोर्स में एक और चीता हेलीकॉप्टर शामिल किया। शुक्रवार को वायुसेना ने बड़े रेस्क्यू ऑपरेशन में छह हेलीकाप्टरों से साढ़े आठ घंटे में छह विदेशी सैलानियों समेत कुल 81 लोगों को रेस्क्यू कर कुल्लू पहुंचाया। 

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रोहतांग टनल के मार्ग से 385 लोगों को सुरक्षित निकाला। सुबह साढ़े छह बजे से शुरू हुआ बचाव अभियान दोपहर 3:00 बजे तक ही चला। इसके बाद घाटी में बारिश और बर्फबारी ने रेस्क्यू ऑपरेशन में खलल डाल दिया। लाहौल और जम्मू-कश्मीर की सीमा में गत दिनों भारी बर्फबारी में फंसे 22 नेपाली मजदूरों में से एक मजदूर की ठंड व भूख से मौत हो गई। कांगड़ा के बड़ा भंगाल की मुराला धार में फंसे पधर निवासी भेड़पालक राकेश कुमार की ठंड से मौत हो गई। 
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यहां 100 के करीब भेड़पालक सात हजार मवेशियों के साथ फंसे हैं। चंबा में रेस्क्यू ऑपरेशन खत्म हो चुका है। सुबह पहली उड़ान में स्पीति के छतड़ू व छोटा दड़ा से कुल 26 और दूसरी उड़ान में भी इन्हीं जगहों से कुल 30 पर्यटकों को सुरक्षित निकाला। चीता और एएलएच हेलीकॉप्टरों की अलग-अलग उड़ानों में पटसेउ से 24 और सरचू से एक व्यक्ति को मनाली पहुंचाया। 

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पांच दिनों के दौरान लाहौल-स्पीति जिले से कुल 191 पर्यटक, कामगार व आम लोग एयरलिफ्ट कर कुल्लू पहुंचाए और टनल के रास्ते 1700 लोग निकाले गए और सौ लोगों को स्पीति से किन्नौर के रास्ते शिमला पहुुंचाया। इनमें 30 विदेशी पर्यटक शामिल हैं। लाहौल घाटी में बिजली की आपूर्ति बहाल करने के लिए एक ट्रांसफार्मर और बिजली बोर्ड लिमिटेड के दस कर्मचारी हेलीकॉप्टर से लाहौल भेजे गए।
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कुल्लू के ढालपुर मैदान में रेस्क्यू ऑपरेशन की निगरानी कर रहे मंडी के मंडलायुक्त विकास लाबरू ने बताया कि मौसम खराब होने के कारण उड़ानों को फिलहाल रोक दिया है।शुक्रवार को नेपाल मूल के छह, दिल्ली, पंजाब, गुजरात और कर्नाटक के छह-छह, केरल के दो, महाराष्ट्र-चंडीगढ़ के तीन-तीन, मध्य प्रदेश के दो, असम, उत्तर प्रदेश, हिमाचल और जम्मू-कश्मीर का एक-एक पर्यटक निकाला गया। 
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बर्फबारी के बाद से विभिन्न इलाकों में फंसे लोगों को रेस्क्यू करना चुनौती से कम नहीं है। बर्फ से ढकी संकरी घाटी में हाड़ कंपा देने वाली ठंड के बीच दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के बीच वायुसेना के हेलीकॉप्टर उड़ान भर रहे हैं। वायुसेना की टास्क फोर्स के छह हेलीकॉप्टर लोगों को नया जीवन देने में जुटे हैं।
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टास्क फोर्स के कमांडेंट विंग कमांडर संदीप कुमार आहुजा के दिशा-निर्देश पर एमआई-17 वी-5 हेलीकॉप्टर, एएलएच और चीता हेलीकॉप्टरों ने शुक्रवार को भी रेस्क्यू ऑपरेशन से कई जिंदगियां बचाईं। रोहतांग और कुंजम दर्रों के बीच संकरी घाटी और बर्फ से ढके दोनों स्थानों पर एमआई-17 वी-5 हेलीकॉप्टर को उतारना संभव नहीं था। 

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स्क्वाड्रन लीडर विपुल गोयल, उनके को-पायलट स्क्वाड्रन लीडर मनोनीत धीमान और अन्य क्रू-मेंबर्स ने हेलीकॉप्टर को बर्फ से ढकी चट्टानों से कुछ फुट ऊपर हवा में रोकते हुए लोगों को रेस्क्यू कर लिया। इस ऑपरेशन में सुरक्षित निकाले गए लोगों में केरल, दिल्ली, गुजरात और अन्य राज्यों के बाइक सवार और अन्य पर्यटक शामिल हैं। 
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चीता हेलीकॉप्टरों के पायलट विंग कमांडर सक्सेना, विंग कमांडर मेहता और स्क्वाड्रन लीडर एस बदियारी, एएलएच हेलीकॉप्टर के पायलट विंग कमांडर रेड्डी, स्क्वाड्रन लीडर हिमांशु और उनके सभी सहयोगी भी भारतीय सेना की उच्च परंपराओं के अनुसार अदम्य साहस और सर्वोच्च सेवाभाव से रेस्क्यू ऑपरेशन में योगदान दे रहे हैं।
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