फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यहां फंसे पर्यटकों ने चिप्स खाकर किया गुजारा, छह दिन बर्फ उबालकर पीया पानी

Sat, 29 Sep 2018 09:06 AM IST
रोशन ठाकुर, अमर उजाला, कुल्लू
विज्ञापन
1 of 6
छह फीट बर्फ के बीच फंसे पर्यटकों ने चिप्स खाकर और बर्फ का पानी उबालने के बाद पीकर अपनी जान बचाई। लाहौल-स्पीति में बर्फ से लदी सड़क के बीच कड़ाके की ठंड में देश-विदेश के सैलानियों को छह दिन गाडि़यों में ही सोकर सर्द रातें बितानी पड़ीं।एयरफोर्स के हेलीकाप्टर से एयरलिफ्ट की गईं महिलाएं कुल्लू में अपनों के बीच पहुंचते ही फूट-फूट कर रोने लगीं। 
विज्ञापन

2 of 6
शुक्रवार को सेना ने एक और चीता हेलीकाप्टर को रेस्क्यू ऑपरेशन में शामिल किया। पटसेउ से रेस्क्यू किए चंडीगढ़ से समीर ने बताया कि उनके साथ उनकी पांच साल की बेटी कायरा भी थी। उन्होंने लेह से मनाली आना था, लेकिन 22 सितंबर से वह भारी बर्फबारी के चलते बारालाचा में फंसे रहे।
विज्ञापन

3 of 6
कहा कि उन्हें तीन दिन तक चिप्स खाकर गुजारा करना पड़ा। 25 और 26 सितंबर को उन्हें यहां फंसे ट्रक वालों ने खाना खिलाया। 27 को वह बारालाचा से जिंगजिंगबार और सूरजताल होते हुए छह फीट बर्फ के बीच 10 किलोमीटर पैदल चले और उन्हें आर्मी ने अपने वाहनों से पटसेउ स्थित अपने कैंप तक पहुंचाया।

4 of 6
 लुधियाना की सुलेखा ने बताया कि भगवान का शुक्र है कि वे सुरक्षित निकले हैं। अपना दर्द बयां करते कहा कि सभी लोग छह दिन तक गाड़ी में ही रहे। उन्हें बारालाचा से बाहर निकलने की चिंता सता रहा थी। छह रातें सो भी नहीं पाई।
विज्ञापन

5 of 6
भरतपुर में ढाबा चलाने वाले पतलीकूहल के सन्नी कुमार ने बताया कि पीने के पानी की व्यवस्था न होने से ट्रक वालों ने स्टोव पर बर्फ पिघलाकर पानी पिलाया। कई ने तो बर्फ खाकर ही अपनी प्यास बुझाई। 
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
गुजरात के सूरत की रहने वाली दृष्टि ने बताया कि वह वह इस मंजर को ताउम्र नहीं भूल पाएंगे। बर्फ से उनकी माता की आंखें उन्हें परेशान कर रही है। ऐसे में वे एक-दो दिन कुल्लू में रुकने के बाद घर जाएंगे। लुधियाना के राजकुमार ने कहा कि उनके दो बेटे अभी भी फंसे हुए हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें