फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

IMA POP 2023: लाडलों के कंधों पर सितारे सजाते माता-पिता की आंखों से छलके खुशी के आंसू, 17 युवा बने अफसर

Sun, 11 Jun 2023 11:47 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, बिझड़ी (हमीरपुर)/पालमपुर//नगरोटा सूरियां/दौलतपुर चौक (ऊना)/सिहुंता (चंबा)
विज्ञापन
1 of 9
अनु शर्मा अपने माता-पिता व बड़े भाई अनमोल शर्मा के साथ। - फोटो : संवाद
हिमाचल के 17 युवा भारतीय सैन्य अकादमी देहरादून से पासआउट होकर सेना में अफसर बने हैं। इनमें कुछ ऐसे भी होते हैं, जिनके लिए यहां तक पहुंचना किसी सपने से कम नहीं होता है। इन्होंने विपरीत परिस्थितियों में कड़ी मेहनत से खुद को तराशकर सफलता पाई। बतौर लेफ्टिनेंट बने इन युवा अफसरों के कंधों पर उनके माता-पिता और परिजनों ने सितारे सजाए। देश की माटी को चूम युवा अब देश सेवा के लिए तैयार हैं। अपने लाडलों के कंधों पर सितारे सजाते माता-पिता की आंखों से खुशी के आंसू छलक आए। जिला चंबा के सिहुंता के अर्श ने तो सैन्य अफसर बनने का सपना पूरा करने के लिए पुलिस और एयरफोर्स की नौकरी तक छोड़ दी।

हमीरपुर जिले के उपमंडल बड़सर की ग्यारह ग्रां पंचायत के भालत गांव से संबंध रखने वाले अनु शर्मा देहरादून राष्ट्रीय अकादमी में शनिवार को पासऑउट होकर लेफ्टिनेंट बने। अनु के बड़े भाई अनमोल शर्मा दो वर्ष पूर्व भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बने हैं। अनु की माता मीना देवी टीजीटी हैं, जबकि पिता सरकारी स्कूल में मुख्य अध्यापक हैं। अनु शर्मा के दादा चिकित्सक पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। दोनों भाइयों ने लेफ्टिनेंट बनकर अपने माता-पिता के साथ इलाके का नाम किया रोशन किया है। दोनों भाइयों की प्रारंभिक शिक्षा सैनिक स्कूल सुजानपुर से हुई है।
विज्ञापन

2 of 9
आस्तिक सिंह ठाकुर - फोटो : संवाद
जयसिंहपुर के आस्तिक ठाकुर बने सेना में लेफ्टिनेंट
आस्तिक सिंह ठाकुर (21) सेना में लेफ्टिनेंट बने हैं। वह जयसिंहपुर क्षेत्र के निवासी हैं। वर्तमान में पालमपुर में रह रहे हैं। आस्तिक की एलकेजी से जमा दो तक शिक्षा डीएवी स्कूल पालमपुर से हुई है। 10वीं और 12वीं कक्षा में टॉपर्स में जगह बनाई है। इसके बाद पहले ही प्रयास में एनआईटी हमीरपुर, एनडीए, बीटेक, सेना और नौसेना की सभी परीक्षाएं पास कीं। उन्होंने सेना में जाने का मन बनाया। अब 10 जून को ओटीए गया से पासआउट हुए हैं। वह 113 मुंबई इंजीनियर में टेक्नो वारियर्स के रूप में सेवाएं देंगे। इनके दादा प्रताप सिंह ठाकुर भी सेना से सूबेदार के पद से सेवानिवृत हुए हैं। आस्तिक के पिता अविनाश ठाकुर राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल सिद्धपुर सरकारी पालमपुर में प्रवक्ता हैं। माता निशा ठाकुर सेंट पॉल सीनियर सेकेंडरी स्कूल पालमपुर में शिक्षिका हैं। आस्तिक ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, दादा-दादी, गुरुजनों और कड़ी मेहनत को दिया है।
विज्ञापन

3 of 9
अर्श कुमार - फोटो : संवाद
पुलिस-एयरफोर्स की नौकरी छोड़ सैन्य अफसर बने अर्श
 सिहुंता के अर्श कुमार भारतीय सेना में सैन्य अधिकारी बने हैं। माता-पिता ने बेटे के कंधों पर स्टार लगाए। अर्श ने अपना सपना पूरा करने के लिए पुलिस और एयरफोर्स की नौकरी छोड़कर कमीशन पास किया। इसके बाद उन्होंने भारतीय सैन्य अकादमी देहरादून में कठिन प्रशिक्षण लिया। बेटे की कामयाबी पर माता-पिता खुश हैं। अर्श के सेना में अधिकारी बनने से घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। अर्श ने बताया कि उनके पिता अजय कुमार वन विभाग में रेंज ऑफिसर हैं। माता शुभलता गृहिणी हैं। बड़े भाई अंशुल जिला रोजगार कार्यालय शिमला में जिला रोजगार अधिकारी हैं। उन्होंने प्रदेश पुलिस विभाग के ट्रेनिंग सेंटर डरोह में नौ माह तक प्रशिक्षण लिया। इसके बाद उनका चयन एयरफोर्स में बतौर एयरमैन हुआ। यहां साल तक सेवाएं दीं। इस दौरान उनका चयन एनडीआरए के लिए हुआ। उन्होंने सफलता का श्रेय माता-पिता, भाई और अपने गुरुजनों को दिया है।

4 of 9
IMA POP 2023 - फोटो : संवाद
माता-पिता ने लगाए शुभनीत के कंधों पर सितारे
विकास खंड नगरोटा सूरियां की धंगढ़ पंचायत के गांव ठंबा (ललूड़ी) के शुभनीत चावला सेना में लेफ्टिनेंट बन गए हैं। शनिवार को पासआउट होने के बाद शुभनीत के माता-पिता बेटे के कंधों पर स्टार लगाकर गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। शुभनीत क्रिकेट खिलाड़ी भी रहे हैं। उन्होंने दसवीं लुधियाना और बारहवीं आर्मी स्कूल उधमपुर जम्मू से की है। इसके बाद चंडीगढ़ से बीटेक करने के बाद सेना के सर्विस सेलेक्शन बोर्ड परीक्षा पास कर सेना में अधिकारी रैंक पर भर्ती हो गए। शनिवार को शुभनीत के पासआउट होकर लेफ्टिनेंट की सूचना मिलते ही पूरे गांव में खुशी की लहर दौड़ गई। शुभनीत के पिता कैप्टन कमल सिंह भी सेना से 2022 में सेवानिवृत्त हुए हैं। माता सुमन चावला शिक्षिका हैं। एक बहन स्वीटी चावला जालंधर से बीएससी कर रही हैं। एचएएस की भी तैयारी कर रही हैं। दादा दिवंगत ज्ञान सिंह चावला भी सेना में ही थे। दादी उर्मिला देवी गृहिणी हैं। शुभनीत 14 जून को घर पहुंचेंगे। वह लेह-लद्दाख में सेवाएं देंगे।
विज्ञापन

5 of 9
तुषार शर्मा बने लेफ्टिनेट। - फोटो : संवाद
 कुनेरन के तुषार सिख रेजिमेंट में सेवाएं देंगे
ऊना क्षेत्र के दो युवा भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बने हैं। आईएमए देहरादून में शनिवार को पासिंग आउट परेड के बाद ये युवा भारतीय सेना में शामिल हुए। दौलतपुर चौक क्षेत्र के कुनेरन गांव के तुषार ठाकुर भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बने हैं। इस मौके तुषार के पिता सतीश परमार, माता अनुराधा परमार और ताया सुखदेव सिंह परमार उपस्थित रहे। लेफ्टिनेंट तुषार ठाकुर आठ सिख रेजिमेंट में सेवाएं देंगे। तुषार के पिता सतीश परमार सेवानिवृत प्रधानाचार्य हैं। माता अनुराधा परमार राजकीय माध्यमिक पाठशाला शिवपुर में शिक्षिका हैं। बड़े भाई दीपांश प्रतिष्ठित कंपनी में इंजीनियर हैं। तुषार की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी स्कूल अंबोटा में हुई। उन्होंने नौवीं से जमा दो की शिक्षा सैनिक स्कूल सुजानपुर टिहरा से हासिल की। वर्ष 2019 में एनडीए की परीक्षा पास की। राष्ट्रीय सैन्य अकादमी खडकवासला पुणे में तीन साल का प्रशिक्षण हासिल किया। एक साल आईएमए देहरादून में प्रशिक्षण लिया। तुषार ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, दादा-दादी और गुरुओं को दिया है। संवाद
विज्ञापन

6 of 9
रजत डढवाल - फोटो : संवाद
मवा कोहलां के रजत डढवाल बने लेफ्टिनेंट
दौलतपुर चौक क्षेत्र के मवा कोहलां गांव के रजत डढवाल भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बने हैं। रजत वर्ष 2014 में ईएमई में सिपाही भर्ती हुए थे। इसके उपरांत 2018 में उन्होंने कमीशन लिया। रजत ने राष्ट्रीय सैन्य अकादमी देहरादून से चार साल का प्रशिक्षण हासिल किया। पासिंग आउट परेड के समय रजत के पिता गुरदीप सिंह, भाई राहुल लखनपाल, भाभी भावना, बहन अमृता राणा, अतुल राणा व रेनम डढवाल मौजूद रहे। रजत के पिता गुरदीप सिंह सेना से सेवानिवृत हैं। माता उषा देवी गृहिणी हैं। लेफ्टिनेंट रजत आसाम रेजिमेंट में सेवाएं देंगे। उनकी शिक्षा सेंट डीआर पब्लिक स्कूल गगरेट से हुई है। लेफ्टिनेंट रजत ने अपनी कामयाबी का श्रेय दिवंगत दादा कैप्टन गजे सिंह डढवाल, माता-पिता व गुरुओं को दिया है।
विज्ञापन

7 of 9
नितिन शर्मा माता-पिता के साथ। - फोटो : संवाद
छपरोह के नितिन बने सेना में लेफ्टिनेंट
झंझयाणी पंचायत के छपरोह गांव के नितिन शर्मा भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बन गए हैं। नितिन शनिवार को भारतीय सैन्य अकादमी आईएमए देहरादून से पासआउट हुए। नितिन के पिता राकेश कुमार ग्रेफ में जूनियर इंजीनियर हैं। माता मीना कुमारी गृहिणी हैं। उन्होंने बेटे के कंधे पर स्टार लगाए। नितिन की उपलब्धि में नाना सोमदत्त शर्मा निवासी गांव हरसौर का बड़ा योगदान रहा है। छोटी बहन निधि शर्मा भी मौजूद रहीं। नितिन की प्रारंभिक शिक्षा किन्नर गार्डन मॉडल हाई स्कूल हरसौर, छठी से आठवीं तक की शिक्षा एमआईटी इंटरनेशनल स्कूल बणी में हुई। 2015 में उनका चयन राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूल बंगलूरू के लिए हुआ है। 2019 में नेशनल डिफेंस अकादमी पुणे और 2022 में भारतीय सैन्य अकादमी देहरादून में प्रवेश लिया। वह कंप्यूटर साइंस में स्नातक हैं। अब आर्मी एयर डिफेंस भंठिडा में पोस्टिंग मिली है। देहरादून से नितिन के पिता राकेश शर्मा ने बताया कि सोमवार 12 जून को नितिन का घर पहुंचने पर भव्य स्वागत होगा। 

8 of 9
अणुकलां के शाश्वत - फोटो : संवाद
अणुकलां के शाश्वत बने भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट
 जिला मुख्यालय हमीरपुर के साथ लगते अणुकलां के रहने वाले शाश्वत नंदा शनिवार को देहरादून राष्ट्रीय मिलिट्री अकादमी देहरादून से पासआउट होकर लेफ्टिनेंट बने। शाश्वत की प्रारंभिक पढ़ाई बैजनाथ से हुई है। अपनी जमा दो कक्षा तक की पढ़ाई सैनिक स्कूल सुजानपुर से की है। शाश्वत नंदा के पिता राकेश नंदा सरकारी स्कूल में प्रवक्ता, माता शिक्षा नंदा भी सरकारी स्कूल में प्रवक्ता हैं। शाश्वत नंदा ने लेफ्टिनेंट बनकर माता पिता और क्षेत्र का नाम रोशन किया है। 
विज्ञापन

9 of 9
चौआर के प्रद्युम्न शर्मा - फोटो : संवाद
प्रद्युम्न शर्मा ने लेफ्टिनेंट बन रोशन किया नाम
चौआर के प्रद्युम्न शर्मा ने लेफ्टिनेंट बनकर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। प्रद्युम्न ने शनिवार को आईएमए देहरादून में पासिंग आउट परेड में भाग लिया। वह सेना में बतौर लेफ्टिनेंट सेवाएं देंगे। इस मौके पर उनके माता पिता भी मौजूद रहे। प्रद्युम्न उपमंडल अंब के तहत चौआर गांव के निवासी हैं। उनके पिता प्रवीण कुमार राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला दलोह में शिक्षक हैं। माता कंचन देवी निजी स्कूल में शिक्षिका हैं। प्रद्युम्न ने जमा दो तक की शिक्षा सैनिक स्कूल सुजानपुर टिहरा में हासिल की। उन्होंने 2019 में एनडीए की परीक्षा पास की थी। उनके परिवार में दादी और छोटा भाई हैं। प्रद्युम्न के सेना में लेफ्टिनेंट बनने से क्षेत्र में खुशी का माहौल है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें