मंदिरों में काले धन को सफेद करने का बड़ा खेल चल रहा है। मां चिंतपूर्णी के दरबार में भक्तों के द्वारा मां के चरणों में अर्पित किए गए चढ़ावे से काला धन सफेद करने की कोशिश की सनसनीखेज वारदात सामने आई है। मंदिर में कथित तौर पर एक हजार व पांच सौ के नौटों के बदले छोटी करेंसी बदलने की कोशिश की गई लेकिन मंदिर के ही एक कर्मचारी द्वारा विरोध जताने पर सारी कोशिश नाकाम हो गई। इस सारे घटनाक्रम का ऑडियो भी अमर उजाला के हाथ लगा है।
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जिसमें एक बैंककर्मी, मंदिर कर्मचारी व एक अधिकारी की बातचीत रिकॉर्ड बताई जा रही है। पुख्ता सूत्रों के मुताबिक मंदिर के चढ़ावे के पैसों से 1 लाख 31 हजार रुपए बदले जाने की बात की जा रही है। ऑडियो में कर्मचारी इस पूरे प्रकरण पर ऐतराज जता रहा है, जबकि दूसरे पक्ष की ओर से इस मामले में दबाव बनाया जा रहा है। बताया जा रहा है कि करेंसी बदलने के लिए अधिकारियों द्वारा चढ़ावे की नई डिटेल बनवाई गई, लेकिन मंदिर के ही एक कर्मचारी के विरोध के चलते बात सिरे नहीं चढ़ पाई।
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इस वाकया को मंदिर के चढ़ावे में सुरक्षा पर सीधी सेंध माना जा रहा है। माना जा रहा है कि एक दिन में अगर चढ़ावे के लाखों रुपये एक्सचेंज हो रहे हैं तो आरबीआई द्वारा तय अवधि तक करोड़ों की पुरानी करेंसी ठिकाने लगाई जा सकती है। बैंक कर्मी भी मंदिर प्रशासन के इशारों पर कुछ भी करने को तैयार लग रहे हैं।
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इस मामले को लेकर मंदिर के उक्त कर्मचारी व संबंधित अधिकारी के बीच काफी नोंक-झोंक भी सुनाई दे रही है । बात न मानने पर उक्त कर्मचारी के साथ गाली-गलौज भी किया गया है। अब पीड़ित कर्मचारी तनाव में है व चिकित्सक ने उसे उच्च रक्तचाप के चलते आराम करने की सलाह दी है।
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मंदिर न्यास के कर्मचारी ने बताया कि उसने सचाई का साथ दिया लेकिन उसे बेवजह प्रताड़ित किया जा रहा है। बकौल कर्मचारी मुझ पर बार-बार बड़े नोट बदल कर छोटी करेंसी चढ़ावे की गणना से निकलने का दबाव बनाया जा रहा था जिसे मैंने अस्वीकार किया। लेकिन मेरे साथ ऐसा व्यवहार किया गया जैसे मैंने कोई बड़ा गुनाह कर दिया हो।
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मंदिर में रोजाना चढने वाले चढ़ावे के पैसे की गणना मंदिर के गणना कक्ष में मंदिर द्वारा निर्धारित एक कमेटी के सामने होती है। जिसमें एक रुपसे के सिक्के से लेकर हर नोट की अलग डिटेल बनाई जाती है, जिसके बाद उसे बैंक में सुपूर्द किया जाता है। एक बार जो डिटेल तैयार हो गई उसे बाद में बदला नहीं जा सकता।
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चिंतपूर्णी मंदिर के आयुक्त एवं उपायुक्त विकास लाबरु का कहना है कि उन्हें इस तरह की कोई शिकायत नहीं मिली है। अगर ऐसा चल रहा है तो यह गंभीर मसला है। इसकी तुरंत जांच कर उचित कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। मंदिर अधिकारी सुभाष चौहान का कहना है कि वह सरकारी ड्यूटी के चलते सोमभद्रा मेले में व्यस्त हैं। उन्हें इस तरह के मामले की जानकारी नहीं है। अगर ऐसा है तो इसकी जानकारी जुटाई जाएगी।
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पढ़ें, बैंक कर्मी, मंदिर कर्मचारी और मंदिर के अधिकारी की बातचीत- ऑडियो में एक बैंक कर्मी, मंदिर कर्मचारी और मंदिर के अधिकारी की बातचीत रिकॉर्ड है। ऑडियो में सबसे पहले बैंक कर्मी मंदिर का क्लर्क और कैश की काउंटिंग कर रहे हैं। मंदिर का क्लर्क- मैं नहीं करता 500 के साथ एक्सचेंज....100 -100 के ऐसे कैसे दे दूं....मैं जिम्मेदारी नहीं ले सकता मेरे बच्चे हैं मैं क्यों जेल जाऊं।
बैंक कर्मी करवा दो इसको..फोन आया था...
मंदिर अधिकरी आकर क्लर्क को धमकाता है
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मैं तुझे अच्छा आदमी समझता था तुझे किस बात का एतराज है
मंदिर का क्लर्क- एतराज मुझे नहीं बैंक वालों को है
मंदिर अधिकरी- झूठ मत बोल एतरात बैंक वालों को नहीं सिर्फ तुझे है। चल अब निकल तू मेरी नजर से ही गिर गया। हरामजादा कहीं का।
मंदिर का क्लर्क- गाली मत दो सर। मैंने क्या गलत किया..मैं ये काम नहीं कर सकता
मंदिर अधिकरी- तू निकलता है या मैं तुझे थप्पड़ मारूं
मंदिर का क्लर्क- मैं सबकों बता दूंगा यहां ये सब चल रहा है
मंदिर अधिकरी- ठीक है जा अब
मंदिर का क्लर्क- सर मुझे बताओ मेरी गलती क्या है...मैंने बोला क्या
मंदिर अधिकरी- गाली देते हुए ...तुझे जेल करवा दूंगा
मंदिर का क्लर्क- मुझे नहीं करनी ऐसी नौकरी...मैंने कुछ गलत नहीं किया
महिला कर्मचारी सामान्य बातचीत कर रही है लेकिन वह भी मंदिर प्रशासन के पक्ष में बोल रही है। अधिकरी इस सारी बातचीत में बाद में आता है पहले सारा वार्तालाप मंदिर के क्लर्क और बैंक कर्मी के बीच का है। इसमें कैश की गिनती हो रही है। जिसमें क्लर्क कैश की नई लिस्ट बनाने का विरोध कर रहा है।