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Shaheed Mohit Rana: शहीद विंग कमांडर मोहित राणा के ताबूत को बहनों ने बांधी राखी, पत्नी ने दी मुखाग्नि

Sat, 30 Jul 2022 11:01 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़/संधोल(मंडी)
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मुक्तिधाम में शहीद मोहित राणा का अंतिम संस्कार। - फोटो : संवाद
हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के संधोल निवासी शहीद विंग कमांडर मोहित राणा की पार्थिव देह शनिवार को उनके चंडीगढ़ स्थित घर पहुंची तो सबकी आंखें नम हो गईं। अपराह्न 3:30 बजे सेक्टर-25 स्थित मुक्तिधाम में शहीद का अंतिम संस्कार किया गया। शहीद की पत्नी निधि ने उन्हें मुखाग्नि दी। इससे पहले मोहित राणा की बहनों मीनाक्षी और शबनम ने अपने भाई के ताबूत में राखी बांधी। अंतिम संस्कार की अन्य रस्में शहीद की पत्नी के साथ भतीजे रोहित ने पूरी कीं।

विंग कमांडर को अंतिम विदाई देने के लिए मंडी से आए परिवार के अन्य सदस्यों और रिश्तेदारों सहित बड़ी संख्या में वायुसेना के जवान मौजूद रहे। शहीद के पैतृक गांव संधोल में सन्नाटा पसर गया है। गौर हो कि राजस्थान के बाड़मेर में प्रशिक्षण के दौरान गुरुवार रात करीब 9:00 बजे लड़ाकू विमान मिग-21 दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस हादसे में विंग कमांडर मोहित राणा और जम्मू के फ्लाइट लेफ्टिनेंट अद्वितीय बल शहीद हो गए थे। 
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शहीद मोहित राणा का अंतिम संस्कार। - फोटो : संवाद
विमान को मोहित उड़ा रहे थे। हादसे के समय मोहित की पत्नी और बेटी राजस्थान में ही मौजूद थीं, जिन्हें वायुसेना के जवान अपने साथ ही चंडीगढ़ लेकर आए। 
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शहीद बेटे को पिता ने दी अंतिम विदाई। - फोटो : संवाद
पिता को है बेटे पर गर्व
-बेटे को अंतिम सलामी के दौरान मोहित के पिता सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट कर्नल ओम प्रकाश राणा ने कहा कि उन्हें अपने बेटे पर गर्व है। बेटे ने देश सेवा करते हुए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। कर्नल ओम प्रकाश ने सैन्य वेशभूषा में पुष्प अर्पित कर बेटे को अंतिम सलामी दी। 
 

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तीन साल की बेटी ने पार्थिव शरीर पर पुष्प चढ़ाए। - फोटो : संवाद
तीन साल की बेटी ने पार्थिव शरीर पर पुष्प चढ़ाए तो हर आंख हुई नम
जब शहीद की तीन साल की बेटी हरिव्य ने पार्थिव शरीर पर पुष्प चढ़ाए तो साथी सैनिक, जिला प्रशासन के अधिकारी सहित मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं।


 
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बहनों ने बांधी राखी। - फोटो : संवाद
इसके बाद जब शहीद के पार्थिव शरीर को मुक्तिधाम लाया गया तो सन्नाटा पसर गया। इस सन्नाटे में शहीद की पत्नी की गोद में बैठी उनकी तीन साल की बेटी हरिव्य के बिलख-बिलख कर रोने की आवाज आ रही थी। यह देखकर कई लोगों की आंखें छलक पड़ीं। 
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शहीद के पिता अंतिम विदाई देते हुए। - फोटो : संवाद
शहीद के पिता ओम प्रकाश राणा ने कहा कि उनका बेटा एक बहादुर सैनिक था। आखिरी पल में भी उसने अपनी जान की परवाह न कर प्लेन को खाली जगह में क्रैश करवाया। उसने बड़ी सूझबूझ से ग्रामीणों की जान बचाई है। आज भले ही मैं एक पिता के नाते दुखी हूं। लेकिन एक पूर्व सैनिक होने के नाते मैं शहीद मोहित राणा पर गर्व करता हूं।
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