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तस्वीरें वायरल, परिवहन मजदूर संघ के अध्यक्ष को महिला ने चप्पलों से पीटा

Sat, 23 Jun 2018 10:24 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हमीरपुर
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PIC
एचआरटीसी के मंडलीय प्रबंधक को धमकाने वाले कर्मचारी नेता की महिला प्रशिक्षु कंडक्टर ने चप्पल से पिटाई कर दी। शुक्रवार को परिवहन मजदूर संघ (भामसं) के प्रदेशाध्यक्ष शंकर सिंह ठाकुर संघ की बैठक में भाग लेने हमीरपुर पहुंचे थे। दो महिला प्रशिक्षु कंडक्टर उन्हें फूलों का हार पहनाने के बहाने मंच पर पहुंचीं। एक महिला ने प्रदेशाध्यक्ष के हाथ पकड़े रखे और दूसरी ने पैर से चप्पल उतारकर कर्मचारी नेता के सिर पर दे मारी। VIDEO: HRTC कर्मचारी अध्यक्ष की चप्पलों से पिटाई
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बैठक में मौजूद कर्मचारियों ने महिला प्रशिक्षुओं को पीछे धकेला। उन्होंने प्रदेशाध्यक्ष के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे भी लगाए। महिलाओं और संघ सदस्यों के बीच जमकर बहस हुई। पुलिस कर्मचारियों ने भी मामले को शांत करवाने का प्रयास किया। महिला प्रशिक्षु कंडक्टरों का आरोप है कि मजदूर संघ के नेता ने उनके खिलाफ आपत्तिजनक ऑडियो वायरल करवाया है।
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करीब 15 मिनट तक दोनों पक्षों के बीच बहस होती रही। माहौल तनावपूर्ण होते देख थाने से दो महिला कांस्टेबल बुलाई गईं। उधर, पुलिस अधीक्षक रमन कुमार मीणा ने कहा कि महिला प्रशिक्षु कंडक्टर और कर्मचारी नेता के बयान लिए हैं। छानबीन की जा रही है। अभी मामला दर्ज नहीं हुआ है।

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शंकर सिंह ठाकुर एचआरटीसी शिमला डिपो में परिचालक हैं। वे परिवहन मजदूर संघ के प्रदेशाध्यक्ष भी हैं। 30 मई को हमीरपुर डिपो की बस को चंडीगढ़ रूट पर जाते समय ऊना में फ्लाइंग स्क्वायड ने रोका था। चालक ने वर्दी नहीं पहनी थी। इसकी सूचना शंकर सिंह के पास पहुंची।
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इसके बाद कर्मचारी नेता ने एचआरटीसी हमीरपुर के मंडलीय प्रबंधक को फोन पर धमकाया और अभद्र भाषा का प्रयोग किया। डीएम ने पुलिस थाना हमीरपुर में शंकर सिंह के खिलाफ भादंसं की धारा 506 के तहत केस दर्ज करवाया। वहीं, गत दिन सरकार ने हमीरपुर में मजदूर संघ की बैठक से एक दिन पहले डीएम दिलजीत सिंह का धर्मशाला के लिए तबादला कर दिया।
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परिवहन मजदूर संघ के प्रदेशाध्यक्ष शंकर सिंह ठाकुर ने कहा कि महिलाओं के आरोप झूठे और बेबुनियाद हैं। हमीरपुर डिपो की कुछ महिला कर्मचारी शिमला में उन्हें मिली थीं। उन्हें बताया गया कि ये दोनों महिला प्रशिक्षु ढाई माह कौशल विकास भत्ता योजना के तहत हमीरपुर में रखी गई थीं। बाद में इन्हें करीब तीन साल तक नहीं निकाला गया। साथ ही ये दोनों हमीरपुर के डीएम के निवास पर काम करती थीं।
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