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एचएएस परीक्षा पास कर ये बने अफसर, पढ़िए इनकी सफलता की कहानी इन्हीं की जुबानी

Wed, 04 Jan 2017 12:39 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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शिमला जिले के दुर्गम इलाके 15-20 के गांव शंकोर के मनमोहन सिंह एचएएस परीक्षा के टॉपर बने हैं। मनमोहन सिंह वर्तमान में जिला रोजगार अधिकारी रिकांगपिओ हैं। धर्मशाला के मनीष कुमार सोनी दूसरे और बिलासपुर की पूनम तीसरे स्थान पर रहीं। शनिवार को राज्य लोक सेवा आयोग ने हिमाचल प्रदेश संयुक्त प्रशासनिक सेवा परीक्षा (एचएएस) 2015 का फाइनल रिजल्ट घोषित कर दिया। इस परीक्षा के माध्यम से 26 युवा अधिकारियों का चयन किया है।
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कड़ी मेहनत करें युवा सफलता मिलेगी- एचएएस परीक्षा में दूसरे स्थान पर रहने वाले मनीष कुमार सोनी ने कहा कि उनके तीसरे प्रयास में इस परीक्षा को उत्तीर्ण किया है। 28 साल के मनीष कुमार सोनी धर्मशाला के श्यामनगर के निवासी है। उनकी स्कूलिंग धर्मशाला में ही हुई। इसके बाद उन्होंने एनआईटी हमीरपुर से बीटैक इलेक्ट्रानिक्स किया। वर्तमान में भी भी एमटैक कर रहे थे। एचएएस की परीक्षा में उनके पास विषय इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग और फोरेस्टरी थे। अपनी इस सफलता का श्रेय मनीष कुमार ने अपनी माता ओमकुमारी के आशीर्वाद और सहयोग को दिया, जो हिमफेड से वरिष्ठ सहायक के पद से सेवानिवृत्त हैं। मनीष के पिता का देहांत 2003 में हो गया था। मनीष कुमार सोनी ने युवाओं को संदेश दिया कि वे कड़ी मेहनत करें। सफलता जरूर मिलेगी।
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मंडी की बेटी और बिलासपुर की बहू बनी एचएएस- जीवन में कुछ भी असंभव नहीं। मुझ पर एक मां, बहू और पत्नी की जिम्मेदारी होने के बावजूद आज मैंने अपना मुकाम हासिल कर लिया है। ये कहना है हिमाचल के मंडी जिले की टीहरा निवासी पूनम का। पूनम ने एचएएस-2015 की परीक्षा में तीसरा रैंक हासिल किया है।

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पूनम की स्कूलिंग टीहरा से हुई है। 2010 में आईजीएमसी शिमला से बीडीएस की डिग्री हासिल की। इसके बाद पूनम ने डेंटल डॉक्टर की नौकरी के लिए काफी कोशिश की लेकिन सफलता हाथ नहीं लगी। पूनम के पति बीएसएनएल में एसडीओ के पद पर शिमला में कार्यरत हैं। पूनम ने बताया कि पति ने उन्हें सिविल सेवाओं की तरफ जाने के लिए प्रेरित किया। 
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बीते वर्ष पूनम इंटरव्यू राउंड में बाहर हो गई थीं और इस बार मंजिल पा ली। पूनम ने बताया कि वह रोज 8 से 9 घंटे पढ़ाई करतीं थीं। इसके लिए उन्होंने सिर्फ सेल्फ स्टडी की। युवाओं को संदेश हुए पूनम ने कहा कि कभी हार मत मानो। मेहनत कभी जाया नहीं जाती। पूनम का पांच साल का बेटा है। पूनम का ससुराल बिलासपुर के लखनपुर में है।
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किसान का बेटा बना एचएएस- कहते हैं हौसले बुलंद हों तो मंजिलें अपने आप मिल जाती हैं। कुछ ऐसा ही कर दिखाया है हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले के रहने वाले हर्ष अमरेंद्र सिंह ने। हर्ष ने एचएएस 2015 की परीक्षा में चौथा रैंक हासिल किया है। हर्ष के पिता दिग्विजेंदर सिंह नेगी किसान और माता अमृत कुमारी गृहिणी हैं। हर्ष ने बताया कि उनके पिता न ही उन्हें सिविल सेवाओं की तरफ जाने के लिए प्रेरित किया। हर्ष कहते हैं कि जिंदगी में कभी हार नहीं माननी चाहिए। बस मेहनत करते रहो। मंजिल जरूर मिलेगी। हर्ष की स्कूलिंग रिकांगपिओ और ग्रेजुएशन शिमला से हुई है। 2011 में एचपीयू से बोटनी में एमएससी की। उसके बाद से लगातार तैयार कर रहे हैं। हर्ष ने बताया कि वे रोजाना 4 से 5 घंटे पढ़ाई करते थे। अभी वे कल्पा में तहसील कल्याण अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं। 2015 में वे यहां पोस्टेड हुए। 
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HAS 2016
सोलन जिले के अनिल कुमार ने एचएएस 2015 की परीक्षा में पांचवा रैंक हासिल किया है। इनका चयन एचपीएस के लिए हुआ है।आयोग के अध्यक्ष केएस तोमर ने बताया कि साक्षात्कार के लिए हिंदी और अंग्रेजी का विकल्प दिया गया था। ऐसा इसलिए किया गया ताकि ग्रामीण क्षेत्र के अभ्यर्थी अपनी योग्यता का प्रदर्शन आसानी से कर सकें। 

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एचएएस की परीक्षा में छठे स्थान पर रहे और एचपीएस चुने गए देहरा गोपीपुर के गांव बढल ठोर के रहने वाले के अनिल कुमार ने कहा कि लगातार मेहनत से मुकाम हासिल हो ही जाता है। वे वर्तमान में 34 साल के हैं। उनके पास भूगोल और भू विज्ञान विषय रहे है। वे इस परीक्षा में वर्ष 2006 से लगे हैं। वे वर्तमान में वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला होली जिला चंबा में प्रधानाचार्य के पद पर कार्यरत हैं। आयोग के अध्यक्ष केएस तोमर ने बताया कि बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों से आए 80 से 90 प्रतिशत अभ्यर्थियों ने हिंदी में साक्षात्कार देने का विकल्प चुना। 

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शिमला जिले के सीमा के रहने वाले राजीव रांटा ने एचएएस 2015 की परीक्षा में सातवां रैंक हासिल किया है। इनका चयन तहसीलदार के लिए हुआ है। बता दें कि एचएएस की प्रारंभिक परीक्षा के लिए 43,509 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। 38,384 को अस्थायी प्रवेश दिया गया, जिनमें से 22,073 ने हिस्सा लिया था।

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मंडी जिले के पधर के रहने वाले बशीर ने एचएएस 2015 की परीक्षा में आठवां रैंक हासिल किया है। इनका चयन बीडीओ के लिए हुआ है। मुख्य परीक्षा के लिए कुल 534 अभ्यर्थी उत्तीर्ण हुए। 393 अभ्यर्थी परीक्षा में उपस्थित रहे, जबकि साक्षात्कार के लिए 78 अभ्यर्थी बुलाए गए थे। 

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हमीरपुर जिले के बड़सर के रहने वाले नवजोत शर्मा ने एचएएस 2015 की परीक्षा में नौंवां रैंक हासिल किया है। इनका चयन ईटीओ के लिए हुआ है। इन अधिकारियों का चयन- चार अधिकारियों का चयन एचएएस अधिकारी के तौर पर हुआ है। इनमें मनमोहन सिंह, मनीष कुमार सोनी, पूनम और किन्नौर की हर्ष अमरेंद्र सिंह शामिल हैं। एचपीएस में पांच अधिकारियों का चयन हुआ है। इनमें कसौली सोलन के अनिल कुमार, कांगड़ा देहरा  के अनिल कुमार, प्रियंक गुप्ता, शक्ति सिंह और रमाकांत ठाकुर उत्तीर्ण हुए हैं। 
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‌शिमला जिले के पीर महल की रहने वाली शीतल ब्रागटा ने एचएएस 2015 की परीक्षा में दसवां रैंक हासिल किया है। इनका चयन डीटीओ के लिए हुआ है। तहसीलदार के पद पर पांच का चयन हुआ है। इनमें राजीव रांटा, भावना वर्मा, रमन ठाकुर, मुकुल, अनिल शर्मा और ऋषभ शर्मा शामिल हैं। जिला कोषाधिकारी शीतल बरागटा और अलीशा चौहान बने हैं। आबकारी एवं कराधान अधिकारी नवजोत शर्मा, आरशी शर्मा और सचिन कुमार चयनित किए गए हैं। जिला पंचायत अधिकारी अंचित डोगरा बने हैं। कोषाधिकारी अश्वनी कुमार और परीक्षित मिन्हास बने हैं। खंड विकास अधिकारी बशीर, गौरव धीमान, मुनीष कुमार और विवेक पाल चयनित किए गए हैं। 
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