छोटी उम्र में ही हिमाचल की इन दो बेटियों ने वो कमाल कर दिखाया जो बड़े बड़े दिग्गज नहीं कर पाए। इनमें पहला नाम आता है प्रज्जवल का। कोटखाई की 21 साल की प्रज्जवल पंचायत समिति सदस्यों में सबसे कम उम्र की हैं। प्रज्जवल एचपीयू से कानून की पढ़ाई कर रही हैं। पांदली पंचायत निवासी प्रज्जवल बुस्टा ने बागडुमैहर बीडीसी वार्ड से पहला चुनाव लड़ा। भाजपा विचारधारा से जुड़ीं प्रज्जवल का कोई भी राजनीतिक इतिहास नहीं है।
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आम से 'खास' बनीं ये बेटियां, छोटी उम्र में किया बड़ा कमाल
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परिवार में पहली बार किसी ने चुनाव लड़ा तथा जीत हासिल की प्रज्जवल के पिता रविंद्र सिंह और माता तारा देवी बागवानी करते हैं।
आरकेएमवी शिमला से स्नातक की शिक्षा प्राप्त करने के बाद प्रज्जवल प्रदेश
विवि से कानून की पढ़ाई कर रही हैं।
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बागडुमैहर बीडीसी वार्ड के अंतर्गत
पांदली, बागडुमैहर तथा प्रेमनगर पंचायतें आती हैं। वार्ड से प्रज्जवल के
साथ बुगडुमैहर पंचायत की श्वेता रावत मैदान में थीं। प्रज्जवल ने 282 मतों
से जीत हासिल की। नवनिर्वाचित पंचायत समिति सदस्य प्रज्जवल बुस्टा ने बताया
कि उन्होंने समाज सेवा के उद्देश्य से चुनाव लड़ा।
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वहीं,
हमीरपुर में जिला परिषद के गसोता वार्ड से 23 साल की लड़की ईशा ने बाजी मार
ली है। ईशा संभवतया सबसे युवा जिला परिषद सदस्य बनी हैं। उन्होंने भाजपा
समर्थित प्रत्याशी संतोष कुमारी को 221 मतों से हराया।
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लंबलू निवासी
ईशा ने 2013 में हमीरपुर कॉलेज से ग्रेजुएशन की। उसके बाद उसने कंप्यूटर
कोर्स किया। माता सीमा बग्गा गृहिणी हैं और पिता अजय कुमार जौहरी हैं। ईशा
ने कहा कि कॉलेज में वह एसएफआई की सक्रिय कार्यकर्ता रही हैं।
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क्षेत्र
का विकास करवाना उसकी प्राथमिकता है। कहा कि वह पार्टी से ऊपर उठकर कार्य
करेंगी। जिला परिषद के क्षेत्र में आने वाले प्रत्येक वार्ड में स्ट्रीट
लाइटें लगवाई जाएंगी। लंबलू पीएचसी में रात्रि ड्यूटी में डाक्टर तैनात
करना उसकी प्राथमिकता रहेगी। समाजसेवा के उद्देश्य से वह राजनीति में आई
हैं।