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हिमाचल: सिरमौर और मनाली में बादल फटा, लोगों के घरों में घुसा मलबा, सेब-मक्की को नुकसान

Tue, 21 Sep 2021 07:14 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
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हिमाचल में भारी बारिश से तबाही। - फोटो : अमर उजाला
हिमाचल प्रदेश में मौसम विभाग के येलो अलर्ट के बीच सोमवार रात मनाली के बरूआ और सिरमौर के शील गांव में बादल फटने से भारी नुकसान हुआ है। दोनों जगह बादल फटने से कई घरों को क्षति हुई है। मलबा घरों में घुस गया। बरूआ में सेब के करीब 300 पेड़ तबाह हो गए। सिरमौर के शील गांव में खेतों में खड़ी मक्की, अदरक, धान, नींबू के बगीचे और अरबी की फसलों बरबाद हो गई। किसान-बागवानों की कई बीघा जमीन बह गई। वहीं कुल्लू-मनाली में पहाड़ों पर बर्फबारी और राजधानी शिमला समेत प्रदेश में झमाझम बारिश से कई क्षेत्रों में बिजली-पानी आपूर्ति ठप हो गई।

बारिश से प्रदेश में 2 कच्चे मकान ढह गए, जबकि 6 कच्चे मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। इसके अलावा 11 गोशालाएं भी क्षतिग्रस्त हुई है। खराब मौसम के बीच नालागढ़ में एक मकान ढहा है। वहीं, रोहतांग दर्रा, बारालाचा, कुंजम सहित ऊंची चोटियों पर हिमपात हुआ है। शिमला, सोलन, सिरमौर, मंडी, कुल्लू और कांगड़ा जिले के कुछ क्षेत्रों में येलो अलर्ट के बीच बुधवार को भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। 25 सितंबर तक प्रदेश में बारिश का दौर जारी रहने का पूर्वानुमान है।
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नाहन में बादल फटा। - फोटो : अमर उजाला
 सिरमौर जिले के चाकली पंचायत के मौजा चम्याड़ कोराड़ के शील गांव में बादल फटने से किसानों की उपजाऊ जमीन तबाह हो गई है। गांव के एक किलोमीटर दायरे के भीतर पहाड़ी से आए मलबे व बरसाती पानी ने भारी तबाही मचाई। इससे किसानों की 24 बीघा उपजाऊ जमीन बह गई। जिला हमीरपुर के नादौन की ग्राम पंचायत बलडूहक के गांव बमनेड़ में गोशाला गिर गई। श्रीनयना देवी में कई घरों और दुकानों में पानी घुस गया।
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घरों को पैदा हुआ खतरा। - फोटो : अमर उजाला
भूस्खलन के कारण भाखड़ा डैम नंगल-नयना देवी मार्ग बंद हो गया है। कोटधार की अलग-अलग पंचायतों में दो गोशालाएं और एक रिहायशी मकान ढह गया। मंडी जिला में मंगलवार को बारिश से कई मार्ग बाधित हुए, वहीं मकान और गोशालाएं भी ढह गईं। अकेले सराज क्षेत्र में 26 सड़कें बाधित हुई। सुंदरनगर उपमंडल में एक रिहायशी मकान ढह गया।  मंगलवार को अधिकतम तापमान में चार से पांच डिग्री की कमी दर्ज हुई। 

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कुल्लू में सेब बगीचों को नुकसान। - फोटो : अमर उजाला
मनाली के बरूआ पंचायत में बादल फटने के बाद सोमवार रात नाले में आई बाढ़ से अफरातफरी मच गई। पंचायत के वार्ड नंबर छह और सात में अधिक नुकसान हुआ है। नाले का पानी गांव की तरफ मुड़ गया। बड़े पत्थरों और मलबे से सेब-अनार और अन्य नकदी फसलों को नुकसान हुआ है।
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कुल्लू में बाढ़ से नुकसान। - फोटो : अमर उजाला
अधिकतर पेड़ों में अभी सेब का भी तुड़ान नहीं हो पाया था। शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने कहा कि बुरूआ गांव में बादल फटने से हुए नुकसान की भरपाई के लिए प्रभावित ग्रामीणों को सरकार की ओर से हरसंभव मदद की जाएगी।
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कुल्लू में आई बाढ़ - फोटो : अमर उजाला
13 जून से 21 सितंबर तक प्रदेश में 642.9 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई, जबकि इस अवधि में 737.8 मिलीमीटर बारिश को सामान्य माना गया है। इस तरह 13 फीसदी बारिश कम हुई। मंगलवार को नाहन में 67, सुंदरनगर में 11, बिलासपुर में 9, ऊना में 7, शिमला में 6, सोलन में 5, धर्मशाला-मंडी में 4, भुंतर में 3 मिलीमीटर बारिश हुई।
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कालका-शिमला हाईवे पर फिर भूस्खलन। - फोटो : अमर उजाला
वहीं, शिमला-कालका नेशनल हाईवे पर भूस्खलन से सनवारा टोल प्लाजा के पास कई जगह मार्ग वन वे करना पड़ा। प्रशासन की ओर से वाहन चालकों को एहतियात बरतने की सलाह दी गई है।  जगह-जगह भूस्खलन से कुल्लू और मंडी जिले में नौ सड़कें मंगलवार को बंद रहीं।
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