हिमाचल प्रदेश में एंबुलेंस, दमकल, पुलिस और अन्य अधिकृत आपातकालीन वाहनों को रास्ता रोकना वाहन चालकों को भारी पड़ सकता है। हिमाचल प्रदेश पुलिस ने सड़क सुरक्षा और आपातकालीन सेवाओं को सुगम बनाने के लिए वाहन चालकों को मोटर वाहन अधिनियम के प्रावधानों के तहत सख्त चेतावनी जारी की है। पुलिस के अनुसार, आपातकालीन वाहन को जानबूझकर रास्ता न देने या उसकी आवाजाही में बाधा डालने पर मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 194ई के तहत कार्रवाई हो सकती है। इसमें छह महीने तक की कैद, 10 हजार रुपये तक का जुर्माना या दोनों का प्रावधान है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि आपातकालीन वाहन को रास्ता देना केवल सामाजिक और नैतिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि कानूनी दायित्व भी है। सड़क पर एंबुलेंस या दमकल की सायरन सुनाई देने पर वाहन चालकों को तत्काल सतर्क होकर उसके लिए सुरक्षित रास्ता बनाना चाहिए।