जम्मू-कश्मीर के शोपियां में शहीद हुए 25 वर्षीय तेंजिन छुलटिम का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया। शहीद के पिता किशन चंद ने मुखाग्नि दी। दोपहर बाद करीब साढ़े तीन बजे सेना और पुलिस की टुकड़ी ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया।
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शहीद की अंतिम विदाई पर पूरी लाहौल घाटी के लोगों की आंखों से आंसू छलक पड़े। शहीद के अंतिम संस्कार पर हजारों की संख्या में लोग पहुंचे थे।
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महिलाओं और युवाओं ने पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाए। इससे पहले पठानकोट से सड़क मार्ग से करीब 25 घंटे बाद शहीद तेंजिन का पार्थिव शरीर सवा एक बजे उनके पैतृक गांव करपट पहुंचाया गया।
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तिरंगे में लिपटे शहीद जवान के शव को सबसे पहले पिता किशन लाल ने देखा। उन्होंने बेटे को चूमा और भावुक होकर रो पड़े।
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मां बेटे के शव को देख बेसुध हो गई। वह बेटे शव को भी नहीं देख पाईं, जबकि बहनों के भी आंसू नहीं थम रहे थे।
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बाद में लामाओं ने पूरे विधि विधान के साथ शहीद के अंतिम दाह संस्कार की प्रक्रिया को पूरा किया।
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इस दौरान सेना के अधिकारियों के साथ लाहौल-स्पीति जिला का पूरा प्रशासनिक अमला मौके पर मौजूद रहा।
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स्थानीय विधायक रवि ठाकुर, पूर्व विधायक ठाकुर रघुवीर सिंह, पूर्व मंत्री डॉ. रामलाल मारकंडेय, उपायुक्त देवा सिंह नेगी, पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह आदि घाटी के हजारों लोगों ने शहीद तेंजिन को श्रद्धांजलि दी।