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शिमला: ठियोग में गिरा पुराना बस अड्डा भवन, भीतर बैठे प्रभारी समेत दो की मौत

Sat, 05 Aug 2017 10:25 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, ठियोग (रामपुर बुशहर)
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ऊपरी शिमला के मुख्य द्वार ठियोग में लगातार बारिश की वजह से शुक्रवार दोपहर करीब बारह बजे पुराना बस अड्डे का भवन भरभरा कर गिर गया। इस हादसे में भीतर दफ्तर में बैठे अड्डा प्रभारी रोशन वर्मा और एक अन्य की मलबे में दबकर मौत हो गई जबकि बाहर कंडक्टर समेत बसों का इंतजार कर रहे आधा दर्जन यात्री बुरी तरह से घायल हो गए।
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सभी घायलों को सिविल अस्पताल ठियोग में प्राथमिक उपचार देकर आईजीएमसी शिमला रेफर कर दिया है। करीब चार साल पहले बस अड्डे के भवन को अनसेफ घोषित कर दिया गया था, बावजूद इसके यहां बस काउंटर चलता रहा। आखिरकार दो लोगों को अपनी जान देकर इस लापरवाही की कीमत चुकानी पड़ी है।
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अड्डा प्रभारी रोशन वर्मा गजैड़ी ठियोग के रहने वाले थे जबकि दूसरे मृतक की अभी शिनाख्त नहीं हो पाई है। घायलों में संजय वेक्टा, रमेश कुमार निवासी मंडी, जुमना देवी, जोगेंद्र कुमार कंदरू, भरत वर्मा परिचालक और मिथुन कुमार शामिल हैं।

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प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि भवन गिरने का धमाका होते ही चीख-पुकार के बीच अफरातफरी मच गई। किसी को भवन से निकलने का मौका तक नहीं मिला। मंडी के बस चालक रमेश कुमार ने बताया कि बस खड़ा कर वह अंदर गए ही थे कि अचानक भवन गिर गया।
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बिहार से काम करने के लिए ठियोग पहुंचे 15 साल के मिथुन कुमार ने बताया कि वह अपने दोस्त का इंतजार कर रहा था। अचानक हुए हादसे में वह घायल हो गया। मिथुन ने बताया कि उसका मोबाइल भी कहीं खो गया है।
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उपायुक्त रोहन चंद ठाकुर ने मौके पर पहुंचकर बचाव कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने उपमंडलाधिकारी ठियोग को इस घटना की मैजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए। राहत कार्य के लिए सुन्नी से एनडीआरएफ  की टीम भी ठियोग भेजी गई है। मृतकों के परिजनों को 25-25 हजार रुपये की अंतरिम राहत और चार घायलों को पांच-पांच हजार रुपये और एक घायल को चार हजार रुपये की अंतरिम राहत दी गई है।
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 इस मौके पर पुलिस अधीक्षक शिमला सौम्या साम्बशिवन और वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। हादसे के तुरंत बाद परिवहन निगम के आरएम को फोन किया गया लेकिन वेटिंग पर चल रहे आरएम ने न तो फोन का जवाब दिया और न ही साढ़े तीन बजे तक मौके पर पहुंचे। हालांकि, एसडीएम ताशी संडूप मौके पर पहुंच गए थे। 
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