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ढाई मंजिला निर्माण केस में अब ये काम करने जा रही है सरकार

Sat, 04 Aug 2018 12:05 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) की ओर से ढाई मंजिला से ज्यादा इमारत निर्माण पर लगाई गई रोक को प्रदेश सरकार सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे सकती है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने इस मामले को लेकर 8 अगस्त को सचिवालय में सांय 4 बजे बैठक बुलाई है। इसमें मुख्य सचिव से लेकर टीसीपी, विधि विभाग और शहरी विकास विभाग के अतिरिक्त मुख्य, प्रधान सचिव और निदेशक भाग लेंगे। हिमाचल सरकार ने एनजीटी में पुनर्विचार याचिका दायर की थी।
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लेकिन न्यायमूर्ति आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ ने सरकार की तरफ  से दाखिल पुनर्विचार याचिका को खारिज कर दिया। कहा गया कि सरकार एनजीटी की ओर से पूर्व में गठित की गई उच्च स्तरीय समिति के समक्ष ही अपनी बात रखे या उच्चतम न्यायालय में अपील कर सकती है। अब प्रदेश सरकार इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की तैयारी में है। टीसीपी प्रधान सचिव प्रबोध सक्सेना का कहना है कि एनजीटी के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने संबंधी फैसला प्रदेश सरकार को करना है।
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एनजीटी के इस फैसले से शिमला प्लानिंग एरिया में 10 हजार के करीब प्लॉट मालिक प्रभावित हो रहे हैं। इसके साथ ही एनजीटी की 35 डिग्री जमीन के एंगल वाली शर्त भी लोगों पर भारी पड़ रही है। चूंकि शिमला प्लानिंग एरिया में जो जमीनें है वह 40 डिग्री एंगल से ज्यादा हैं।
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एनजीटी ने 16 नंवबर 2017 को योगेंद्र मोहन सेन गुप्ता बनाम भारत सरकार के मामले में विस्तृत फैसला सुनाया था। इस फैसले में कहा गया था कि शिमला और प्लानिंग एरिया के भीतर ढाई मंजिल से ज्यादा ऊंची इमारत नहीं बनाई जा सकती है।
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