हिमाचल सरकार ने चुनावी साल में अस्थाई शिक्षकों को तोहफा देने की तैयारी पूरी कर ली है। इनकी सैलरी बढ़ने वाली है।
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अस्थाई शिक्षकों को अनुबंध के स्केल का 90 फीसदी वेतन देने की तैयारी शुरू कर दी है। एसएमसी और पैरा शिक्षकों को नियमित करने के आड़े आ रही दिक्कतों के चलते अब राहत देने के लिए निदेशालय ने वेतन बढ़ोतरी का प्रस्ताव तैयार कर सरकार को भेजा है।
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सरकार की ओर से प्रस्ताव को कैबिनेट में ले जाया जा सकता है। प्रदेश के स्कूलों में पांच हजार से अधिक अस्थाई शिक्षक नियुक्त हैं। इन शिक्षकों के वेतन में बढ़ोतरी होने से उच्च शिक्षा निदेशालय पर सालाना नौ करोड़ का अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा।
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हिमाचल सरकार ने अस्थाई शिक्षकों के लिए स्थायी नीति बनाने का आश्वासन दिया था, लेकिन कानूनी कारणों के चलते यह आश्वासन पूरा करने में सरकार सफल नहीं हो पा रही है। चुनावी साल में अस्थाई शिक्षकों और उनके परिवारों को नाराज न करने के लिए सरकार ने अब पीटीए की तर्ज पर अस्थाई शिक्षकों को भी अनुबंध का 90 फीसदी वेतन देने की तैयारी में है।
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एसएमसी शिक्षकों में टीजीटी को 6000 रुपये, सीएंडवी को 4500 रुपये और जेबीटी को 3500 रुपये मानदेय मिलता है। यदि अनुबंध के वेतन का 90 फीसदी देने का सरकार फैसला ले लेती है तो टीजीटी को 14300, लेक्चर को 14900, जेबीटी को 8910 और सीएंडवी को 13900 रुपये मानदेय मिलेगा।