फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दो बार बने मुख्यमंत्री, फिर भी खंडहर है इस नेता का घर

विज्ञापन
1 of 8
दो बार मुख्यमंत्री का ताज पहनने के बावजूद इस नेता का घर किसी महल जैसा नहीं दिखता। घर खंडहर में बदल गया है। सरकार ने इस घर को संग्रहालय बनाने की घोषणा तो की मगर काम करवाना भूल गई। स्पेशल रिपोर्टः अशोक केडियाल, नाहन
विज्ञापन

दो बार बने मुख्यमंत्री, फिर भी खंडहर है इस नेता का घर

2 of 8
जी हां, हम बात कर रहे हैं हिमाचल निर्माता और प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री डॉ. वाईएस परमार के पैतृक घर की। वो घर जिसमें कभी सूबे की विकास योजनाओं का खाका बनाया था, आज वो खंडहर में तबदील हो रहा है।
विज्ञापन

दो बार बने मुख्यमंत्री, फिर भी खंडहर है इस नेता का घर

3 of 8
आज के दौर में जहां नेता रातों रात करोड़पति बन रहे हैं, वहीं, हिमाचल के इस नेता का परिवार आज भी आम जनता की तरह गुजर बसर कर रहा है। सिरमौर के भड़योग में बने परमार के इस घर की नए सिरे से मरम्मत न हुई तो कभी भी गिर सकता है। डॉ. परमार के घर को संग्रहालय बनाने की घोषणा भी हुई थी, लेकिन इसे बरसों पहले भुला दिया गया।

दो बार बने मुख्यमंत्री, फिर भी खंडहर है इस नेता का घर

4 of 8
भड़योग में उनका स्मारक बनाने का सूचना बोर्ड वर्ष 1990 से एक ईंट लगने का इंतजार कर रहा है। यही नहीं1972 में डॉ. परमार के दूसरे घर चन्हालग गांव के लिए बनाई गई सड़क दो दशकों से पक्की नहीं हो पाई है।
विज्ञापन

दो बार बने मुख्यमंत्री, फिर भी खंडहर है इस नेता का घर

5 of 8
नाहन-बागथन सड़क करीब 35 किलोमीटर तक खतरनाक बनी हुई है। इसकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। जबकि 2012 से पूर्व इस विस क्षेत्र से कांग्रेस नेता लगातार सात बार विधायक चुने गए हैं।
विज्ञापन

दो बार बने मुख्यमंत्री, फिर भी खंडहर है इस नेता का घर

6 of 8
सियासत या अनदेखी उनके घर या गांव से ही नहीं हुई बल्कि बागथन में 70 के दशक में बनी एकमात्र फ्रूट प्रोसेसिंग यूनिट को पालमपुर स्थानांतरित कर दिया गया। दशकों से यहां कोई नया प्रोजेक्ट नहीं लगा है।
विज्ञापन

दो बार बने मुख्यमंत्री, फिर भी खंडहर है इस नेता का घर

7 of 8
हिमाचल निर्माता डॉ. परमार की 109वीं जयंती मंगलवार को मनाई गई। नेताओं ने हर बार की तरह इस बार भी उन्हें याद किया और फूल मालाएं चढ़ाईं। मगर अब उन्हें अगले एक साल तक कोई याद नहीं करेगा।
विज्ञापन

दो बार बने मुख्यमंत्री, फिर भी खंडहर है इस नेता का घर

8 of 8
परमार के बेटे लव परमार का कहना है कि पिछले वर्ष मकान के भीतर कुछ मरम्मत करवाई है। इसे पूरी तरह संवारना मुश्किल है। यदि सरकार संग्रहालय बनाने की सोचती है तो उनका परिवार तैयार है। उनका स्मारक बनता तो निश्चित रूप से खुशी होगी। यहां के संपर्क मार्गों की हालत ठीक नहीं है। इस ओर सरकार ध्यान दें।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें