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यहां सभी 10 सीटों पर कांग्रेस का सूपड़ा साफ, 2 मंत्री भी नहीं बचा पाए लाज

Mon, 18 Dec 2017 07:03 PM IST
अखिलेश महाजन/अमर उजाला, मंडी
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प्रदेश की राजनीति में सीटों के लिहाज से दूसरे सबसे ताकतवर जिले में मोदी फेक्टर ने कांग्रेस का सूपड़ा साफ कर दिया है।
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जिला मंडी में 10 सीटों में से 9 पर भाजपा जीती है और एक सीट जोगिंद्रनगर विस क्षेत्र से निर्दलीय उम्मीदवार प्रकाश राणा के नाम रही है। पिछले चुनाव में पांच सीटें कांग्रेस की झोली में डालकर सूबे की सत्ता निर्धारण में अहम भूमिका निभाने वाले बडे़ नेता यहां खाता तक नहीं खोल सके हैं। दो दिग्गज मंत्री और दो सीपीएस भी कांग्रेस की इज्जत बचाने में नाकाम रहे।
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पांच बार लगातार द्रंग से जीत का परचम लहराने वाले स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर त्रिकोणीय मुकाबले में बगावत के बीच में हार गए हैं। आबकारी एवं कराधान मंत्री प्रकाश चौधरी ने भी सीट गंवाई है। सीपीएस करसोग के मनसा और सुंदरनगर से सोहन लाल को भी हार का स्वाद चखना पड़ा है। सुखराम परिवार से सीएम को पंगा लेना महंगा पड़ गया।

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मंडी सदर पर भी भाजपा ने कब्जा करके अपना जलवा दिखाया है। कांग्रेस को यहां पांच सीटों का नुकसान झेलना पड़ा है। भाजपा को जोगिंद्रनगर छोड़ चार सीटों पर नफा हुआ है। कांग्रेस को सबसे बड़ा झटका मंडी और द्रंग में मिला है। 1967 से लेकर अब तक महज ढाई सालों (1990-93) तक सुखराम परिवार और कांग्रेस के कब्जे में रही सदर मंडी सीट अब सुखराम परिवार के साथ भाजपा की हुई है।
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चुनावों से पहले मंत्री अनिल शर्मा ने अपने पिता और परिवार के साथ भाजपा का हाथ थामकर मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के खिलाफ बगावत का झंडा बुलंद किया था। स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह द्रंग में बगावत के कारण हारे हैं। यहां सीएम के बेहद करीबी माने जाने वाले पूर्व उपाध्यक्ष पीसीसी पूर्ण चंद ने खेल बिगाड़ा है। जबकि, उनकी बेटी चंपा ठाकुर को सुखराम परिवार के जनाधार के चलते हार का सामना करना पड़ा है।
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वहीं बल्ह, करसोग और सुंदरनगर में विधायकों- मंत्रियों की कार्यशैली और खुद प्रधानमंत्री मोदी, राजनाथ सिंह और अमित शाह की रैलियों ने जीत का माहौल तैयार किया है। पीएम मोदी ने जीत की पटकथा अक्तूबर 2016 के दौरान ऐतिहासिक पड्डल मैदान में रैली कर लिख दी थी। वहीं, चुनावों की घोषणाओं से ठीक पहले कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी मंडी का दौरा किया था। लेकिन, कांग्रेस के लिए नतीजे बेहद चौंकाने वाले सामने आए हैं। इसके अलावा नाचन, सरकाघाट और जोगिंद्रनगर में कांग्रेस के नए चेहरे कुछ काम नहीं कर सके। यहां भी बगावत हावी रही है। 
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मंडी जिले के धर्मपुर विस क्षेत्र में भाजपा के महेंद्र सिंह लगातार सातवीं बार जीते हैं। वह पांच बार विभिन्न चुनावी चिन्ह पर जीत चुके हैं। सिराज के भाजपा विधायक जयराम ने लगातार पांचवीं जीत दर्ज की है।

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कांग्रेस के मंत्री कौल सिंह जीत का छक्का और प्रकाश चौधरी और जोगिंद्रनगर के भाजपा प्रत्याशी गुलाब सिंह जीत की हैट्रिक बनाने में नाकाम रहे हैं। सरकाघाट के भाजपा विधायक कर्नल इंद्र सिंह और अनिल शर्मा ने हैट्रिक लगाई है।
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मंडी में भाजपा ने बेहतर परफार्मेंस दिखाया है। इससे यहां के नेताओं को बड़ी जिम्मेदारी मिलने की उम्मीद जगी है। जीत के तुरंत बाद विधायक एवं वरिष्ठ नेता जयराम को दिल्ली बुला लिया गया है। प्रेम कुमार धूमल के सीएम के उम्मीदवार के नाम की घोषणा के बाद भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने सिराज के दौरे के दौरान बड़ी जिम्मेदारी की घोषणा की थी।
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