हिमाचल में मूसलाधार बारिश ने कहर बरपाना शुरू कर दिया है। कुल्लू के बाशिंग में ब्यास नदी में दो बच्चे बह गए हैं जबकि रामपुर में बादल फटने से पशगांव नाले में आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। यहां बिजली गिरने से मासूम बच्ची समेत दो लोग बुरी तरह झुलस गए हैं।मंडी का हणोगी माता मंदिर भवन चट्टानें गिरने से क्षतिग्रस्त हो गया है।
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पहाड़ी से गिरी चट्टानें भवन की दीवार को तोड़कर अंदर घुस गई है। चंबा की लुड्डू पंचायत में जमीन खिसकने से दो मंजिला मकान ध्वस्त हो गया है। सूबे में मूसलाधार बारिश से ब्यास, सतलुज, रावी समेत अन्य नदियां और नाले उफान पर है। जगह-जगह भूस्खलन से दर्जनों संपर्क मार्ग घंटों बंद रहे।
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हमीरपुर के नादौन में अवैध खनन करते एक ट्रैक्टर ब्यास में बह गया है। तीन लोगों ने भागकर अपनी जान बचाई। रामपुर की फांचा पंचायत के पशगांव नाले में बादल फटने से लकड़ी के तीन पैदल पुल और चार घराट बह गए हैं। सड़क बहने से आधा दर्जन गांव देश-दुनिया से कट गए हैं।
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बिजली के पोल बहने से पूरे क्षेत्र की बत्ती गुल है। फोन डेड हा गए हैं। दो मकानों में मलबा घुस गया है। उधर, सरस्वती विद्या मंदिर बाशिंग में छठी कक्षा में पढ़ने वाले दोनों बच्चों की तलाश में रविवार को सर्च ऑपरेशन भी चलाया लेकिन उनका कहीं कोई अता-पता नहीं है।
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शनिवार शाम तीन बच्चे ब्यास में नहाने गए थे। दो बच्चे तेज बहाव में बह गए। लापता छात्रों की पहचान सातवीं कक्षा के रंजन कुमार और आठवीं कक्षा के आशीष निवासी बाशिंग के रूप में हुई है। भुंतर, औट तथा पंडोह पुलिस थानों को भी अलर्ट कर दिया गया है चंडीगढ़-मनाली एनएच पर मंडी-कुल्लू की सीमा पर नगवाईं में हणोगी मंदिर के मुख्य द्वार को तोड़ती हुई चट्टान अंदर जा घुसी। एक चट्टान साथ लगते भवन को तोड़कर अंदर जा पहुंची। जूस बार और कैंटीन को काफी नुकसान हुआ है।
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हादसे के वक्त मंदिर में पुजारी, श्रद्धालुओं और स्टाफ समेत करीब 20 लोग मौजूद थे। सभी बाल-बाल बचे। माता की मूर्ति सुरक्षित है। मंदिर न्यास को करीब दस लाख का नुकसान बताया जा रहा है। इस दौरान हाईवे भी कुछ देर के लिए बाधित रहा। पहाड़ी से पत्थर गिरने का खतरा बना हुआ है। उधर, रामपुर के काशापाट सीसे स्कूल भवन पर खतरा मंडरा रहा है। भूस्खलन से शौचालय और सुरक्षा दीवार ढह गई है। क्षेत्र के तीन भवन भी खतरे की जद में हैं।
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सांगला (किन्नौर)। चीन सीमा से सटे कुन्नोचारंग गांव के राचो नाले में अचानक बाढ़ आने से पानी का रुख रंगरीक टुंगमा बौद्ध मंदिर की ओर हो गया। सीमा पर तैनात आईटीबीपी, सेना के दर्जनों जवानों सहित ग्रामीणों ने अस्थायी दीवार बनाकर पानी का बहाव दूसरी तरफ मोड़कर मंदिर को बचा लिया। एडीएम पूह चंदन कपूर ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन की टीम को रात 12 बजे ही घटना स्थल पर भेज दिया गया।
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ग्रामीणों के खेत, मटर की फसल सहित वन विभाग की संपत्ति को कुछ नुकसान हुआ है। पूर्व प्रधान सुरेंद्र नेगी, बलदेव नेगी, विश्वजीत नेगी, विद्यासागर नेगी, सादर प्रकाश नेगी, दर्शनलाल नेगी, दावा टाशी नेगी, भगत सिंह नेगी ने राचो नाले के चैनलाइजेशन की मांग उठाई है।
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने सोमवार को भी प्रदेश के कुछेक हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। 22 जुलाई तक प्रदेश भर में बारिश का पूर्वानुमान है।