पखरैर में हुई तबाही।
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मौके पर सिर्फ पटवारी ही पहुंचा प्रशासनिक अधिकारी नहीं आया
सरोआ पंचायत के उपप्रधान देवेंद्र राणा उर्फ पम्मी ने बताया कि बारिश के दौरान जब यह आपदा आई तो एक छोटी सी खड्ड ने ऐसा रौद्र रूप धारण किया कि मंदिर की सराय और नौ परिवारों के घर, वाखली पुल, कुकलाह पुल, गांवों को जोड़ने वाली सड़कों सहित बाइकें, स्कूटी, कारें और लोगों का घरेलू सामान सब कुछ पानी में बह गया। कुछ वाहन सिल्ट में फंसे हुए हैं। खड्ड के हर कोने में तबाही के निशान बिखरे हैं। अब तक सिर्फ पटवारी मौका देखने आया है, जबकि बाकी कोई बड़ा प्रशासनिक अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। न राशन मिला, न टेंट, न फौरी राहत। उन्होंने मांग की है कि बेघर हुए लोगों का तुरंत किसी सुरक्षित जगह रहने का इंतजाम किया जाए। इधर, जिले के अलग-अलग भागों में पांच रिलीफ कैंप में 357 लोगों को ठहराया गया है। इनमें मंडी में दो, थुनाग में दो और धर्मपुर में एक जगह रिलीफ कैंप स्थापित किए गए हैं।