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हिमाचल कैबिनेट बैठक: खुलेंगे शराब के ठेके, एक्साइज पॉलिसी को दिया एक्सटेंशन

Sat, 02 May 2020 07:20 PM IST
अरविन्द ठाकुर अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
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- फोटो : अमर उजाला
शराब ठेकों को खोलने पर फैसले के साथ ही जयराम मंत्रिमंडल ने शराब नीति और टोल नीति को लेकर बड़ा फैसला लिया है। इस संबंध में अधिसूचना जारी होते ही शराब के ठेके फिर से खुल जाएंगे। पिछले डेढ़ महीने से ठेकों पर ताले लगे हुए थे जिससे सरकार को औसतन हर दिन पांच करोड़ का नुकसान हो रहा था। कोविड-19 के चलते अभूतपूर्व हालात बन गए थे, जिनकी वजह से मार्च महीने में शराब की बिक्री नहीं हो सकी।
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साथ ही जयराम सरकार की ओर से अनुमोदित की गई नई शराब नीति भी लागू नहीं की जा सकी। ऐसे में पुराने ठेकेदारों को दो महीने और शराब बेचने के लिए सरकार ने शराब व टोल नीति के लिए वित्त वर्ष 2019-20 को दो महीने और बढ़ाने की मंजूरी दे दी है। इस फैसले के बाद दोनों ही नीति के तहत आवंटित ठेकेदार अगले दो महीने और अपने ठेकों का संचालन कर सकेंगे।
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इसके पीछे तर्क यह दिया गया है कि चूंकि नए वित्त वर्ष में पिछले वर्ष के घाटे से जूझ रहे नए व पुराने ठेकेदारों को मुश्किल हो सकती है, जिससे सरकार को सीधे तौर पर राजस्व की परेशानी खड़ी हो जाती है। ऐसे में सरकार ने अब अगले वित्त वर्ष को भी दो महीने शिफ्ट करने का फैसला लिया है।

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निर्णय के अनुसार नया वित्त वर्ष 1 अप्रैल की बजाय 1 जून 2020 से शुरू होकर 31 मई 2021 तक चलेगा। इसके बाद जब हालात सामान्य हो जाएंगे तो सरकार एक एक महीने का बदलाव कर वित्त वर्ष को वापस 1 अप्रैल से शुरू करने की व्यवस्था करेगी। बता दें, वर्तमान में लाइसेंस फीस से ही सरकार को करीब 12 सौ करोड़ रुपये का राजस्व होता है।
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वहीं, हर दिन पांच करोड़ की शराब की बिक्री होती है जिसकी बदौलत सरकार को करीब सालाना 18 सौ करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित होता है। चूंकि पिछले डेढ़ महीने से सरकार को कोई राजस्व हासिल नहीं हुआ था। ऐसे में ठेकेदार और सरकार दोनों ही वित्त वर्ष को लेकर परेशान चल रहे थे। उधर, टोल नीति को भी इसी तरह विस्तार दिया गया है।
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