वहीं, हर दिन पांच करोड़ की शराब की बिक्री होती है जिसकी बदौलत सरकार को करीब सालाना 18 सौ करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित होता है। चूंकि पिछले डेढ़ महीने से सरकार को कोई राजस्व हासिल नहीं हुआ था। ऐसे में ठेकेदार और सरकार दोनों ही वित्त वर्ष को लेकर परेशान चल रहे थे। उधर, टोल नीति को भी इसी तरह विस्तार दिया गया है।