शूटिंग पर जाते समय जहां अच्छी वादियां दिखे गाड़ी रुकवा फोटो खिंचवाना शुरू कर देते थे। कई बार खुद गाड़ी ड्राइव कर चले जाते थे। शूटिंग पूरी होने पर जाते समय हर किसी से मिले और कहा कि हिमाचल के लोग बहुत अच्छे स्वभाव के हैं, हमेशा याद रहेंगे।
फिल्म खत्म होने के अंत में परागपुर गांव और यहां के सहयोगी के नाम लिखकर स्पेशल थैंक्स किया था। ऋषि कपूर के जाने से धरोहर गांव के लोग ही नहीं पूरा प्रदेश गमगीन है।