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रोहतांग में बर्फबारी, शिमला में ओलावृष्टि से नुकसान, किन्नौर में चट्टान गिरने से एक की मौत

Thu, 30 Apr 2020 06:39 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, शिमला/सांगला
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हिमाचल में बर्फबारी-ओलावृष्टि और बारिश - फोटो : अमर उजाला
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हिमाचल में गुरुवार को येलो अलर्ट के बीच रोहतांग में बर्फबारी और शिमला सहित कई अन्य क्षेत्रों में बारिश का दौर जारी रहा। किन्नौर जिला में पहाड़ी से चट्टान गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। येलो अलर्ट के बीच मौसम बिगड़ने से गेहूं की फसल को नुकसान हुआ है। वहीं, ओलावृष्टि से सेब की फसल को भी भारी नुकसान हुआ है। गुरुवार दोपहर बाद हुई लगातार बारिश और ओलावृष्टि से सेब के पौधे में पड़े फूल तथा छोटे फल झड़ गए। ओलावृष्टि से सब्जियों की फसल को भी नुकसान हुआ है। शिमला जिले के मतयाणा, मझार, बासा ठियोग, नाहोल, बणी, संदू, घुंड, कुफरी और शिलारू क्षेत्र में ओलावृष्टि से सेब की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है।

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उद्यान विभाग के निदेशक मदन मोहन शर्मा ने बताया कि सेब की फसल के लिए आजकल बारिश और ओलावृष्टि घातक है। अब तक करीब 11 लाख का नुकसान बागवानों को हो चुका है। यदि मौसम ने साथ नहीं दिया तो नुकसान बढ़ सकता है। ननखड़ी तहसील की आधा दर्जन पंचायतों में भारी ओलावृष्टि हुई। क्षेत्र में एक बार फिर हुई ओलावृष्टि से इन पंचायतों में सेब की फसल तबाह हो गई है। प्रभावित बागवानों ने प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन से उचित मुआवजा देने की मांग की है। ननखड़ी तहसील की ग्राम पंचायत जाहू, खड़ाहण, खुनी पनोली, गाहन, अड्डू और ग्राम पंचायत बगलती में दोपहर बाद भारी ओलावृष्टि हुई। 



मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने छह मई तक प्रदेश भर में मौसम का मिजाज खराब बना रहने का पूर्वानुमान जताया है। चार मई को दोबारा ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की गई है। गुरुवार दोपहर एक बार फिर प्रदेशा में मौसम ने करवट बदली। 13050 फीट ऊंचे रोहतांग दर्रा सहित कुल्लू और लाहौल की ऊंची चोटियों पर ताजा हिमपात हुआ जबकि निचले क्षेत्रों में जमकर बारिश हुई। पहाड़ों पर बर्फबारी से घाटी में एक बार फिर पारा लुढ़क गया है। ताजा हिमपात से रोहतांग दर्रा के एक बार फिर बंद होने का अंदेशा है।

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रोहतांग दर्रा होकर लाहौल जाने वाले किसानों-बागवानों को फिर परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। कोरोना संकट के दौर में खराब मौसम ने किसानों, बागवानों की परेशानियां भी बढ़ा दी है।  उधर, पुलिस थाना रिकांगपिओ के तहत आने वाले कल्पा खंड के पांगी गांव में सेब बागीचे में चौकीदारी करने वाले एक नेपाली मूल के व्यक्ति की पहाड़ी से चट्टानें गिरी चट्टान की चपेट में आने से मौत हो गई। जानकारी मुताबिक गुरुवार सुबह कल्पा खंड के पांगी गांव के तहत आने वाले उप मुहाल रागुरा के ब्रानो रूबनंग में सेब के बगीचे में नेपाली मूल का एक व्यक्ति चौकीदारी कर रहा था।

सुबह करीब सवा नौ बजे पहाड़ी से अचानक चट्टानें दरकने का सिलसिला शुरू हो गया, इस दौरान एक चट्टान चौकीदार पर आ गिरी और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान नेपाली मूल के सुभाष (40) के रूप में हुई है। यह व्यक्ति पिछले 12 वर्ष से पांगी निवासी सनम गुरू नेगी के पास कार्य कर रहा था। वीरवार सुबह पेश आई इस घटना में सनम गुरू नेगी के जिस मकान में यह व्यक्ति रह रहा था, उसका रसोईघर भी चट्टानों की चपेट में आने से क्षतिग्रस्त हो गया। पहाड़ी से गिरी चट्टानों की चपेट में आने से बागवानों के एक हजार से अधिक सेब के पौधों को भी क्षति पहुंची है। 

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नाहन में 20 डिग्री रिकार्ड हुआ न्यूनतम तापमान

- फोटो : अमर उजाला
प्रदेश के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जहां मौसम में ठंडक बढ़ गई है वहीं मैदानी क्षेत्रों में दिन के बाद अब रात का पारा भी बढ़ना शुरू हो गया है। बुधवार रात को नाहन में न्यूनतम तापमान 20.0, कांगड़ा में 18.8, ऊना में 17.8, भुंतर में 17.6, शिमला में 13.0 और धर्मशाला में 12.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।

उधर, ऊना में वीरवार को अधिकतम तापमान 36.0, कांगड़ा में 30.3, सुंदरनगर में 30.0, नाहन में 28.5, चंबा में 28.3, बिलासपुर में 25.0, हमीरपुर में 24.8, धर्मशाला में 23.2 और शिमला में 20.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।
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