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मूसलाधार बारिश ने मचाया कोहराम, तस्वीरों में देखें तबाही

Mon, 01 Aug 2016 09:30 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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तबाही - फोटो : अमर उजाला
हिमाचल प्रदेश के कई क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश होने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। भूस्खलन और अन्य घटनाओं के कारण कई इलाकों में सड़कें बंद रहीं। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि सोमवार को प्रदेश के निचले और मध्य पर्वतीय क्षेत्रों में भारी बारिश हो सकती है। रविवार को राजधानी शिमला में मूसलाधार बारिश लोगों के लिए आफत बन गई।
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तबाही
बारिश के बीच कई जगहों पर पेड़ गिर गए हैं। इससे कई भवनों को खतरा पैदा हो गया। दूसरी ओर हिमाचल के ग्रामीण क्षेत्रों में कई सड़कें बंद होने की भी सूचना है। सीवरेज और पानी की लाइनों को भी इससे नुकसान हुआ है। कई स्थानों पर बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हुई है। कुल्लू में जिला मुख्यालय को जोड़ने वाला औट-लुहरी राष्ट्रीय उच्च मार्ग 305 पांच दिन बाद भी बसों की आवाजाही के लिए बहाल नहीं हो सका है।
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तबाही
हालांकि, कोटनाला को एनएच अथॉरिटी ने बहाल कर दिया है, जबकि जलोड़ी दर्रा के साथ सटे माशनूनाला में करीब दो 200 मीटर दायरे में हो रहा पानी का रिसाव चुनौती बन गया है। इसकी वजह से यहां एचआरटीसी कुल्लू डिपो की तीन बसें पांच दिनों से फंसी पड़ी हैं। छोटे वाहनों को भी चालक अपने जोखिम पर ही निकाल रहे हैं।

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तबाही
राजधानी शिमला में मूसलाधार बारिश लोगों के लिए आफत बन गई है। बारिश के बीच कई जगहों पर पेड़ गिर गए। भवनों को खतरा पैदा हो गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में कई सड़कें बंद होने की खबर है। सीवरेज और पानी की लाइनों को नुकसान हुआ है। कई स्थानों पर बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हुई है। शनिवार शाम साढ़े सात बजे नगर निगम के कैथू वार्ड में मार्निंग व्यू के पास मकान के सामने का डंगा भरभरा कर गिर गया। डंगा गिरने से मकान को खतरा हो गया है।
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तबाही - फोटो : अमर उजाला
पार्षद कांता सुयाल ने बताया कि डंगा गिरने की सूचना मिलते ही शनिवार शाम को ही मौके का निरीक्षण किया। मकान को खाली करवा कर यहां रहने वाले तीन परिवारों को लोअर कैथू गुरुद्वारा में शिफ्ट करवाया गया है। भूस्खलन के कारण साथ लगते भवन को भी नुकसान का अंदेशा है। मकान के सामने एक पेड़ गिरने का खतरा हो गया था। रविवार सुबह वन विभाग के कर्मचारियों ने पेड़ काट दिया। भूस्खलन के कारण डंगे के पत्थर साथ लगते मकान की छत पर गिरे। मकान को नुकसान न हो इसके लिए क्षतिग्रस्त डंगे पर तिरपाल डाल दी गई है। रविवार को नगर निगम के मेयर डिप्टी मेयर ने भी मौके का दौरा कर अधिकारियों को राहत कार्य तेज करने के आदेश दिए।
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तबाही - फोटो : अमर उजाला
लोअर कैथू में मान कॉटेज के पास डंगा गिरने से मकान को नुकसान की सूचना है। स्थानीय पार्षद कांता सुयाल ने बताया कि डंगा गिरने से एक अन्य मकान को भी खतरा हो गया है। हालांकि यह पुराना मकान खाली है। भूस्खलन के कारण यहां सीवरेज और पानी की लाइनें भी क्षतिग्रस्त हुई हैं।
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तबाही - फोटो : अमर उजाला
बारिश से शहर के कई क्षेत्रों में रविवार को आठ पेड़ धराशायी हो गए। शहर में मलबा खिसकने और पेड़ों के गिरने का सिलसिला शुरू हो गया है। आकलैंड टनल के नजदीक एक रवीनिया का पेड़, एडवांस स्टडी के नजदीक यारोस के पास दो बान के पेड़, कैंथू में एक निजी भूमि में मलबा खिसकने के साथ एक रवीनिया, एक देवदार, एक कायल का पेड़ और खलीणी चौक के पास एक देवदार और बीयर खाने के पास भी एक देवदार का पेड़ गिर गया। वन विभाग शिमला शहर के रेंज अधिकारी रविंद्र कंवर ने बताया कि सभी पेड़ों को काट दिया गया है। पेड़ गिरने से बंद हुई सड़कों को भी बहाल कर दिया गया हैं।

 
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