कहावत है हौसले बुलंद हों तो इस दुनिया में सब कुछ मुमकिन है। कुछ ऐसा ही कर दिखाया नवजोत शर्मा ने।
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तस्वीरों में जानिए इनकी कामयाबी की दास्तां
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नवजोत ने एचएएस परीक्षा में सांतवां रैंक हासिल किया है। प्रदेश के बेटे को खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) का पद दिया गया है।
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नवजोजत हमीरपुर जिले के गांव हारमा के रहने वाले हैं। नवजोत बचपन से ही पढ़ाई में अव्वल रहे हैं तथा उन्होंने मिडल तक की पढ़ाई गवर्नमेंट मिडल स्कूल चकमोह से पूरी की है। +2 हमीरपुर के एम्स पब्लिक स्कूल से की है।
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नवजोत शर्मा ने पालमपुर यूनिवर्सिटी से बीवीएससी (बेचलर ऑफ वेटरनरी साइंस) की। उसके बाद उन्होंने एमवीएससी की। मौजूदा समय में indian veterinary research institute बरेली, उत्तर प्रदेश से पीएचडी कर रहे हैं।
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2014 में नवजोत शर्मा की पशु चिकित्सक नियुक्ति हुई लेकिन उन्होंने पीएचडी की पढ़ाई के कारण ज्वाइनिंग में एक्सटेंशन ले ली है। नवजोत के पिता हरिचरण शर्मा आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं।
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माता बीना शर्मा एक गृहिणी हैं। नवजोत ने अपनी उपलब्धि का श्रेय माता पिता को दिया है। पढ़ाई के साथ-साथ नवजोत का खेलों में भी शौक है। पालमपुर यूनिवर्सिटी में पॉवर लिफ्टिंग में गोल्ड मेडल हासिल किया है।
नवजोत कहते हैं कि कंपीटिशन के लिए कोचिंग लेने की कोई जरूरत नहीं। उन्होंने 5-6 घंटे हर रोज पढ़ाई की। उन्होंने कहा कि तैयारी करने के लिए सेल्फ स्टडी, इंटरनेट और किताबों का इस्तेमाल करें। यूथ को संदेश देते हुए नवजोत ने कहा कि कड़ी मेहनत से ही आप अपने सपनों को पूरा कर सकते हैं। नवजोत अब आईएएस के लिए तैयारी कर रहे हैं।