हिमाचल में कड़ाके की ठंड ने एक माह की गोद हमेशा के लिए सूनी कर दी। पांच माह की बच्ची को बचाने के लिए लाख कोशशें की मगर कोई फायदा नहीं हुआ। परिवार को गरीबी के कारण तंबू में रहना पड़ रहा था।
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एक मां का दर्द, अपनी गोद में देखी बच्चे की मौत
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मामला हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिला का है, जहां बिहार निवासी प्रमोद कुमार तथा पत्नी अनीता मजूदरी करने के लिए आए हैं। परिवार तंबू लगाकर ठहरा था। मगर ठंड से बचने के पर्याप्त इंतजाम न होने के कारण बच्ची की मौत हो गई।
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एक मां का दर्द, अपनी गोद में देखी बच्चे की मौत
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मां अनिता के अनुसार रात के समय ठंड अधिक लग रही थी। इसके चलते उन्होंने अपनी झौंपड़ी में आग जला कर बच्ची को गर्म रखने का पूरा प्रयास किया परंतु शनिवार प्रात: करीब 6 बजे अचानक बच्ची ने दम तोड़ दिया।
गरीबी का आलम यह था कि झौपड़ी के ऊपर जो तिरपाल लगा रखी थी उसमें जगह जगह छेद है। तिरपाल चारों और से फटी होने के कारण ठंडी हवा अंदर आ रही थी। ऐसे गरीबों के लिए प्रदेश में रैन बेसरों या रहने का कोई इंतजाम नहीं है। यही वजह है कि सरकारी तंत्र की लापरवाही के कारण मासूम की मौत हो गई।