शिमला सम्मेलन 25 जून 1945 ई. को हुआ था। शिमला में होने वाला यह एक सर्वदलीय सम्मेलन था। इसमें कुल 22 प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया था। हालांकि महात्मा गांधी इस सम्मेलन का हिस्सा नहीं थे लेकिन वायसराय और कांग्रेस कार्यकारी समिति ने इस पर उनसे राय ली थी। सम्मेलन में भाग लेने वाले प्रमुख नेता जवाहरलाल नेहरू, मुहम्मद अली जिन्ना, इस्माइल खां, सरदार वल्लभ भाई पटेल, अबुल कलाम आज़ाद, खान अब्दुल गफ्फार खां और तारा सिंह थे। मुस्लिम लीग की जिद के कारण यह सम्मेलन असफल हो गया था।