हजारों की तादाद में लोग रैत गांव में इंतजार कर रहे थे तो रंजना हाईवे से हटने का नाम नहीं ले रही थी। पठानकोट-मंडी हाईवे पर शहीद का पार्थिव शरीर पहुंचते ही मातम में डूबे माहौल के बीच लोगों ने जोरावर सिंह अमर रहे, भारत माता की जय और पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाए। इसके बाद तो शहीद की पत्नी समेत अन्य परिजनों को संभालना मुश्किल हो गया। शहीद के 75 वर्षीय पिता राय सिंह और 70 वर्षीय मां शकुंतला देवी भी अपनी बहू के साथ बेसुध हो गए।