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डाक्टर की सलाह: स्वाइन फ्लू से ऐसे बचें, इन बातों का रखें खास ध्यान

Wed, 13 Feb 2019 12:23 PM IST
अरविन्द ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नाहन (सिरमौर)
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स्वाइन फ्लू यानी संक्रामक रोग। प्रदेश में तेजी से फैल रहे इस रोग से लोगों में दहशत का माहौल है। इसकी चपेट में आने से प्रदेश में 16 लोगों की मौत और कई पॉजिटिव रिपोर्ट आने से स्थिति ज्यादा गंभीर हो गई है। समय पर उपचार के बाद इस रोग से निजात मिल सकती है।
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पीड़ित व्यक्ति के संपर्क में रहने वाले लोगों के भी इस रोग की चपेट में आने की संभावनाओं से इनकार नहीं किया जा सकता है। सावधानी ही रोग की रोकथाम का सबसे बड़ा हथियार है।
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 डॉ. वाईएस परमार मेडिकल कॉलेज नाहन के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. डीडी शर्मा ने बताया कि मरीज में बुखार व खांसी-जुकाम आदि के लक्षण आते ही तुरंत चिकित्सीय परामर्श लें। लोग स्वाइन फ्लू के वायरस से संक्रमित होते हैं तो उनके लक्षण आमतौर पर मौसमी इंफ्लूएंजा के लोगों के समान ही होते हैं। 

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 इंफ्लूएंजा ए (एच1एन1) से संक्रमित लोगों के जरिये यह हवा में तेजी से फैलने वाली बीमारी है। यह वायरस मौसमी फ्लू के समान फैलता है। इस रोग की ए, बी और सी तीन श्रेणियां हैं। तीसरी श्रेणी के रोगी को अस्पताल में टेस्ट व उपचार शुरू कर देना चाहिए।
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ये हैं लक्षण
डॉ. डीडी शर्मा ने बताया कि स्वाइन फ्लू एक तीव्र संक्रामक रोग है, जो एक विशिष्ट प्रकार के इंफ्लूएंजा वायरस से होता है। प्रभावित व्यक्ति में सामान्य रूप से मौसमी सर्दी-जुकाम जैसे ही लक्षण होते हैं। 
- नाक से पानी बहना या नाक बंद हो जाना।
- बुखार, गले में खराश, सर्दी-खांसी।
- सिरदर्द, शरीर दर्द, थकान, ठंड लगना, पेटदर्द।
- कभी-कभी दस्त-उल्टी आना आदि
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ऐसे करें बचाव 
- खांसी, जुकाम, बुखार के रोगी से दूर रहें। 
- किसी से भी हाथ न मिलाएं। 
- आंख, नाक, मुंह को छूने के बाद किसी अन्य वस्तु को न छुएं।
- हाथ को साबुन अथवा एंटीसेप्टिक हैंडवाश से धोएं। 
- खांसते, छींकते समय मुंह व नाक पर कपड़ा रखें।
- भीड़भाड़ क्षेत्र से दूर रहें, मुंह पर मोटा मास्क पहनें। 
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एंटी वायरल दवाई लें
डॉ. डीडी शर्मा ने बताया कि गंभीर रूप से पीड़ित व्यक्ति के लिए आइसोलेशन वार्ड स्थापित किए गए हैं। पीड़ित के संपर्क में रहने वाले लोगों को भी अस्पताल से असल्टामिविर एंटी वायरल दवाएं दी जाती हैं। 15 किलोग्राम के रोगी को 30 एमजी, 23 किलोग्राम तक 45 एमजी, 40 किलो तक के रोगी को 60 एमजी, इससे ऊपर के रोगी को 75 एमजी एंटीवायरल मेडिसन दिन में दो बार पांच दिन तक लेनी चाहिए।

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लौंग चबाकर स्वाइन फ्लू से पाएं मुक्ति
आयुर्वेदिक विभाग में कार्यरत ददाहू के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. गौरव शर्मा ने घरेलू उपायों के जरिये स्वाइन फ्लू के इलाज की संभावनाएं जताई हैं। स्वाइन फ्लू का सबसे सरल व सस्ता उपाय लौंग है। लौंग को हर वक्त मुंह में चबाने से स्वाइन फ्लू का रत्ती भर भी शरीर पर असर नहीं होता।
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 लौंग का रस शरीर में कई तरह के रोगों को खत्म करता है। इसके अलावा कपूर की एक टिक्की को रुमाल में रखकर सूंघते रहने से छींकने, खांसने व सर्दी जुकाम की क्षमता बिल्कुल खत्म हो जाती है। इससे स्वाइन फ्लू जन्म ही नहीं ले पाता। राजकीय आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र रेणुका में तैनात डॉ. गौरव शर्मा ने बताया कि हर छोटी से छोटी बीमारी इलाज के अभाव में बड़ी बीमारी को जन्म देती है। कुछ उपाय ऐसे भी हैं जो दवा से पहले असर करते हैं। 
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