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लापरवाही की हद, पीने के लिए दे रहे ऐसा गंदा पानी

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क्या यही सरकारी सिस्टम है? प्रदेश की राजधानी में वीवीआईपी का खास ख्याल और आम जनता बेहाल। प्रदेश के सबसे बड़े महकमों में शामिल आईपीएच लोगों की सेहत से खिलवाड़ कर रहा है। पूरा सरकारी तंत्र यहां बैठता है। शिमला से सटे ढली और चैड़ी पंचायत के लोग इस सिस्टम के आगे बेबस हैं। यहां के लोगों को जिस टैंक से पानी की सप्लाई की जा रही है, उसमें आईजीएमसी के नाले की गंदगी घुल रही है।
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लापरवाही की हद, पीने के लिए दे रहे ऐसा गंदा पानी

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शिमला में आईपीएच कैसे लोगों की सेहत से खिलवाड़ कर रहा है... इसकी हद तो देखिये। यहां आईजीएमसी के नाले में बहने वाली गंदगी पेयजल के साथ लोगों के नल तक पहुंच रही है। हजारों लोग आईपीएच की इस लापरवाही का शिकार हो रहे हैं।
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लापरवाही की हद, पीने के लिए दे रहे ऐसा गंदा पानी

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पेयजल शिमला शहर के साथ लगती ढली और चैड़ी पंचायत के करीब आधा दर्जन गांवों को सप्लाई किया जा रहा है। हैरत इस बात की है कि विभाग इस सब से बेखबर है। स्थानीय लोगों की सूचना के बाद रविवार को ‘अमर उजाला’ की टीम मौके पर पहुंची तो हालत से बद से बद्तर नजर आए। आईपीएच के आला अफसरों को अवगत करवाया गया तो उन्होंने इस तरह की किसी भी जानकारी से इनकार किया।

लापरवाही की हद, पीने के लिए दे रहे ऐसा गंदा पानी

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हालांकि, अफसरों ने सोमवार को कार्रवाई के साथ पानी के सैंपल भरने की बात कही है। मशोबरा खंड की चैड़ी और ढली पंचायतों के करीब आधा दर्जन गांवों के लोग गंदा पानी पीने को मजबूर हैं। इनके पास पानी के इस सोर्स के अलावा दूसरा कोई साधन नहीं है। मजबूरी में मटमैला पानी ही पीना पड़ रहा है। आईपीएच विभाग लोगों को पीने के लिए गंदे पानी की आपूर्ति कर रहा है।
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आईपीएच विभाग के कर्मियों की लापरवाही की तब हद हो गई, जब मौके पर साफ पानी होने के बावजूद विभाग लोगों को गंदे पानी की आपूर्ति कर रहा है। टीम ने देखा की जिस नाले से पानी की आपूर्ति हो रही है, ठीक उसी के सामने करीब 15 मीटर पर भरपूर मात्रा में पीने के लिए साफ पानी का सोर्स है।
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उसी सोर्स से भी पानी को लिया जाता था लेकिन बरसात में मलबे से पानी का चैंबर दब गया और विभाग के कर्मियों को चैंबर से मिट्टी न निकालनी पडे़, उन्होंने गंदे नाले से ही लोगों को पीने के लिए पानी की आपूर्ति जारी रखी।
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आईपीएच विभाग के अधिशासी अभियंता अनिल मेहता ने बताया कि मेरे पास अभी तक इस बारे में कोई भी शिकायत नहीं आई है, सोमवार को मौके पर कर्मियों को भेज कर जांच के लिए पानी के सैंपल लिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। विभागीय टीम मौके पर जाकर कार्रवाई करेगी और लोगों से भी बात करेगा।
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