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12 साल बाद शुरू हुआ बौद्ध धर्म का महाकुंभ, देखिए बेहतरीन तस्वीरें

Thu, 14 Jul 2016 08:48 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रिवालसर (मंडी)
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बौद्ध धर्म का महाकुंभ - फोटो : अमर उजाला
बौद्ध धर्म का महाकुंभ शुरू हो गया है। बौद्ध धर्मगुरु दलाईलामा ने महाकुंभ का आगाज किया और बौद्ध श्रद्धालुओं को प्रवचन दिए । रिवालसर (मंडी, हिमाचल प्रदेश) में बौद्ध धर्म का महाकुंभ शुरू हुआ है। यह 12 साल के अंतराल के बाद मनाया जाता है।
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बौद्ध धर्म का महाकुंभ
बौद्ध धर्मगुरु दलाईलामा ने पहले दिन हजारों बौद्ध श्रद्धालुओं को प्रवचन दिए। धर्मगुरु के दर्शन को श्रद्धालुओं में भारी उत्साह था। बारिश के बावजूद हिमाचल के अलावा बाहरी राज्यों से आए श्रद्धालु भी पंडाल में डटे रहे। दलाईलामा ने कहा कि मनुष्य को मन की पांच बुराइयों राग, द्वेष, मोह, ईर्ष्या और अहंकार का त्याग करना चाहिए।
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बौद्ध धर्म का महाकुंभ
राग और द्वेष ही समाज के पतन के कारण हैं। कहा कि परमाणु हथियारों का जमकर आविष्कार हो रहा है। अनगिनत लोगों की हत्या इन दो बुराइयों से हुई है। अपने लोगों के प्रति लगाव और दूसरों के प्रति द्वेष की वजह से संसार में तनाव बढ़ रहा है। समाज और संसार में जितनी भी समस्या उत्पन्न हो रही है, उसमें अधिकांश समस्याएं मनुष्य की ओर से सृजित हैं।

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बौद्ध धर्म का महाकुंभ
मानव जाति को अपने विवेक का उपयोग विकारों के लिए नहीं, बल्कि समाज कल्याण के लिए करना चाहिए। संसार के सभी धर्म समाज के लिए उपयोगी हैं। सैद्धांतिक तौर पर बुद्ध के सिद्धांत श्रेष्ठ हैं। कहा कि कोई भी धर्म हिंसा करना नहीं सिखाता।
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बौद्ध धर्म का महाकुंभ
हिंसा करना पाप है। उन्होंने तिब्बती भाषा में ही प्रवचन दिए। इससे पहले सड़क से दलाईलामा रिवालसर पहुंचे।
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बौद्ध धर्म का महाकुंभ
उन्होंने गुरु पद्म संभव निग्मापा बौद्ध मंदिर पहुंचकर गुरु पद्म संभव अभिषेक किया। इसके बाद धनच्च्कर, छोज पूजा की। वीरवार को भी दलाईलामा बौद्ध श्रद्धालुओं को अभिषेक देंगे।
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