चार दिन बाद मंडी जिले के गोहर उपमंडल के दाड़ी गांव के सब इंस्पेक्टर धनदेव का शव लेकर पहुंचे एसएसबी जवानों से परिजनों और ग्रामीणों ने शव लेने से इंकार कर दिया है। कहा कि पहले बताओ धनदेव की मौत कैसे हुई है, तभी शव लेंगे। नाचन के विधायक विनोद कुमार ने भी एसएसबी के अधिकारियों से सब इंस्पेक्टर धनदेव की मौत का कारण सार्वजनिक करने की मांग उठाई। काफी देर तक माहौल तनावपूर्ण रहा।
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इसके बाद एसडीएम गोहर राघव शर्मा मौके पर पहुंचे और उन्होंने उग्र परिजनों और ग्रामीणों को शांत किया और एसएसबी के कमांडेंट एसआर गुप्ता से दिल्ली मोबाइल पर बात की। कमांडेंट ने एसडीएम गोहर को आश्वासन दिया कि एक सप्ताह के भीतर धनदेव की मौत के कारणों की जांच रिपोर्ट का खुलासा कर दिया जाएगा।
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जिसके बाद एसडीएम गोहर राघव शर्मा ने एसएसबी के अधिकारियों से सब इंस्पेक्टर धनदेव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट मांगी। जिसमें धनदेव की मौत चिकित्सकों ने हेड इंजरी होने से हुई बताई है। धनदेव को हेड इंजरी कैसे हुई, इस बारे में एसएसबी ने एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट देने का आश्वासन दिया है। जिसके बाद परिजनों ने धनदेव के पार्थिव शरीर को गाड़ी से नीचे उतारने की हामी भरी।
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जैसे ही धनदेव का शव सेना के वाहन से नीचे उतारा गया तो दाड़ी गांव धनदेव अमर रहे के नारों से गूंज उठा। पार्थिव शरीर को उसके पैतृक गांव दाड़ी पहुंचाया गया। जहां धनदेव के पिता, माता, पत्नी, बेटा, बेटी, बहू फूट-फूट बिलख पड़े। धनदेव का दाड़ी गांव स्थित कुनालटा श्मशानघाट पर सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कर उसे अंतिम विदाई दी गई। पार्थिव देह को उनके बेटे रविंद्र कुमार ने मुखाग्नि दी।
एसएसबी के जवानों ने श्मशानघाट पर शहीद की पार्थिव देह को मात्र सलामी दी। गौर हो कि गत मंगलवार सुबह सब इंस्पेक्टर धनदेव का शव नेपाल बार्डर के समीप खेतों में पेड़ पर लटका मिला था। परिजनों के संदेह पर एसएसबी मुख्यालय से शव को दूसरी बार पोस्टमार्टम के लिए दिल्ली भेजा गया था। एसएसबी के कमांडेंट एसआर गुप्ता ने बताया कि धनदेव की मौत के कारण चाहे जो भी रहे होंगे मगर एसएसबी उन्हें शहीद का दर्जा प्रदान करेगी।