बस में एक यात्री से कंडक्टर ने एक रुपए ज्यादा किराया वसूल कर लिया था। मगर उसे अब ऐसी सजा मिली है कि वह दोबारा ऐसी मनमानी नहीं कर पाएगा। साथ ही इस सजा को उम्र भर नहीं भूल पाएगा। मामला हिमाचल के सोलन जिले का है।
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मामला 10 मार्च 2016 का है जिसमें अब कंडक्टर को सजा मिली है। शिकायतकर्ता संजय कुमार पुत्र बलदेव सिंह निवासी गांव मरयोग पोस्ट ऑफिस गौड़ा सोलन ने कहा कि 10 मार्च को सुबह साढ़े नौ बजे उसने मरयोग से सोलन सिटी के लिए बस पकड़ी। सोलन तक की दूरी बीस किमी है।
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बस कंडक्टर ने टिकट नंबर 004093 जारी कर तीस रुपये काट लिए। तय किराया 29 रुपये बनता था। पूछा तो कंडक्टर ने कहा कि उसने बिल्कुल सही किराया चार्ज किया है। शिकायतकर्ता ने बस के मालिक से कंसलट करने की गुहार लगाई। नतीजतन सही किराये का पता चल सके। परिचालक ने यह कहते हुए मना कर दिया कि बस संचालक से बात करने की कोई जरूरत नहीं है।
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बस संचालक से शिकायतकर्ता ने बात की तो उनका जवाब भी टरकाने वाला था। इसके बाद शिकायतकर्ता ने मामला उपभोक्ता फोरम के ध्यान में लाया। यहां यात्री से एक रुपया अधिक वसूलने पर जिला उपभोक्ता फोरम की अदालत ने बस संचालक को बड़ी सजा सुनाई।
बस संचालक को एक रुपए लौटाने की सजा सुनाई गई। वह भी नौ फीसदी सालाना ब्याज के साथ। साथ ही शिकायतकर्ता को क्षतिपूर्ति के एवज में अतिरिक्त बीस हजार रुपये देने का फैसला भी सुनाया। शिकायत कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट 1986 के अंडर सेक्शन 12 के तहत की गई। इसमें कंज्यूमर फोरम के अध्यक्ष मुकेश बंसल और मेंबर एससी वरमानी ने मामले की सुनवाई की है।