छोटी काशी कहे जाने वाले मंडी जिले का ऐतिहासिक सेरी चानणी स्थान। 112 समूहों में नौ-नौ की संख्या में उपस्थित 1008 कन्याएं। मंत्रोच्चारण के बीच सभी कन्या समूहों के पूजन से पूरा माहौल ही भक्ति रस से सराबोर हो गया।
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मौका था शिवरात्रि पर्व के इतिहास में पहली बार 1008 कन्याओं के अद्भुत सामूहिक पूजन का। जिला प्रशासन ने इस अनूठे प्रयास को बेटियों के मान-सम्मान को समर्पित बताकर बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान की महत्वपूर्ण कड़ी करार दिया है।
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आयोजन का शुभारंभ ऊर्जा मंत्री अनिल शर्मा, सर्वदेवता सेवा समिति और जिला प्रशासन ने सुबह नौ बजे हवन के साथ किया। जिसके बाद नौ देवियों का 10 बजे आगमन और फिर मंत्रोच्चारण के साथ 11.20 बले पूजा अर्चना सहित कन्या पूजन हुआ।
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एक साथ 1008 कन्याओं के पूजन की प्रक्रिया करीब एक घंटे तक चली। वहीं, दोपहर 12.20 बजे आरती के साथ सामूहिक पूजन संपन्न किया गया। इस दौरान डीसी ऋग्वेद ठाकुर समेत अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
श्री देवी बालू की जालपा, श्री देवी मैहणी, श्रीदेवी सोना सिंहासन, श्री देवी कांढ़ी घटासनी, श्री देवी निशु की पड़ाशरी और बिहन की घटासन, मासड़ की बूढ़ी बौछारण, शाकंभरी और धारा की नागण मौजूद रहीं। इनमें छह देवियां आपस में बहने हैं।