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हिमाचल में कड़ाके की ठंड, केलांग में छह साल बाद सर्दी का रिकॉर्ड टूटा

Sat, 08 Dec 2018 10:40 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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हिमाचल की चोटियों में बर्फबारी के बाद कड़ाके की ठंड पड़ना शुरू हो गई है। जनजातीय क्षेत्र केलांग में छह साल बाद वीरवार की रात सबसे ठंडी रही। यहां न्यूनतम पारा -10 डिग्री पहुंच गया है। कल्पा में -3.8 और मनाली में -2.2 डिग्री न्यूनतम पारा रिकॉर्ड हुआ। मौसम में आए बदलाव के बाद प्रदेश के 14 शहरों में न्यूनतम तापमान पांच डिग्री से नीचे लुढ़क गया है।
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प्रदेश में सुबह, शाम शीतलहर चल रही है। शुक्रवार को केलांग का अधिकतम पारा 3.8 डिग्री रहा। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के निदेशक डॉ. मनमोहन सिंह के अनुसार शनिवार को प्रदेश में मौसम साफ रहेगा। नौ से 13 दिसंबर तक पूरे प्रदेश में बारिश और बर्फबारी के आसार हैं।
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वीरवार रात को शिमला का न्यूनतम तापमान 4.7, सुंदरनगर में 0.7, भुंतर में 1.2, पालमपुर में 3.5, सोलन में 2.0, कांगड़ा में 4.8, बिलासपुर में 4.2, हमीरपुर में 4.3, चंबा में 2.4, कुफरी में 2.0 और डलहौजी में 3.4 डिग्री सेल्सियस रहा। मंडी में 5.1, ऊना में 5.2 जबकि प्रदेश में सबसे अधिक न्यूनतम पारा धर्मशाला में 7.2 रहा।

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शुक्रवार को प्रदेश के अधिकतम तापमान में दो से तीन डिग्री की गिरावट दर्ज हुई। ऊना में अधिकतम तापमान 24.0, कांगड़ा में 22.2, हमीरपुर में 20.8, सुंदरनगर में 20.4, बिलासपुर में 19.8, भुंतर में 19.0, नाहन में 19.1, सोलन में 18.5, चंबा में 17.2, धर्मशाला में 15.2, शिमला में 13.5, कल्पा में 8.6, डलहौजी में 7.8 और केलांग में 3.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ।
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ऊना, बिलासपुर, मंडी, हमीरपुर और कांगड़ा जिला के कुछ क्षेत्रों में धुंध पड़ना शुरू हो गई है। बिलासपुर और ऊना के कई क्षेत्रों में सुबह 11 बजे के बाद धूप निकल रही है। रात के समय धुंध पड़ने से वाहन चालकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गेहूं और फलदार पेड़ों पर कोहरा पड़ने से किसानों को फसल खराब होने की चिंता सताने लगी है।
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रोहतांग दर्रे में बर्फ की मोटी चादर होने से शुक्रवार को 13 वाहन माइनस 15 डिग्री तापमान में बर्फ में फंसे रहे। महिलाओं, बुजुर्गों समेत करीब 100 लोगों की सांसें पांच घंटे तक रोहतांग में ही अटकी रहीं। तेज हवाओं के कारण रोहतांग में खड़ा होना मुश्किल हो रहा था। रोहतांग दर्रा से फंसे यात्री कुलदीप, मोहन, रमेश, रामलाल ने दूरभाष पर बताया कि कहा कि उन्होंने खुद बेलचों से लगभग 100 मीटर दायरे से बर्फ को हटाया।
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इसके बाद सांसद रामस्वरूप शर्मा के निर्देश पर बीआरओ ने शाम को रोहतांग मार्ग बहाल किया और यात्री लाहौल से मनाली पहुंचे। उन्होंने कहा कि रोहतांग दर्रे में तेज हवाओं के कारण बर्फ के ढेर उड़कर सड़क में बिछ गए हैं। इससे वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो रही है।
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