हिमाचल के सीएम वीरभद्र सिंह ने जनसभा के दौरान अपनी ही पार्टी के एक नेता को काली भेड़ कह डाला। सीएम के इतना कहते ही जहां लोग दंग रह गए वहीं, हंसी के ठहाके भी छूट पड़े।
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अपनी ही पार्टी के नेता को सीएम ने कहा 'काली भेड़'
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कांगड़ा दौरे पर गए सीएम वीरभद्र सिंह ने कोटला में हुई जनसभा में
ये बातें कहीं। सीएम ने जिला परिषद कांगड़ा के चुनाव में गद्दारी करने वाले
अपनी ही पार्टी के एक नेता को काली भेड़ कहा।
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अपनी ही पार्टी के नेता को सीएम ने कहा 'काली भेड़'
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सीएम यहीं नहीं रुके, उन्होंने कहा कि इस काली भेड़ की मैं जल्द ही ऊन काट डालूंगा।
अपनी ही पार्टी के नेता को सीएम ने कहा 'काली भेड़'
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इसके
अलावा मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने भाजपा नेताओं पर भी निशाना साधा।
उन्होंने भाजपा को पीछे से वार करने के बजाय राजनीतिक लड़ाई के लिए खुलकर
सामने आने के लिए ललकारा। उन्होंने कहा कि भाजपा नेता पीठ पर नहीं बल्कि
सामने से वार करें।
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जनसभा के दौरान सीएम ने कहा कि शांता कुमार भी
प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे हैं, लेकिन उनकी कार्यप्रणाली का तरीका बिलकुल
अलग और शालीन था। उन्होंने कभी भी अपने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों को झूठे मामले बनाकर फंसाने का प्रयास नहीं किया।
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वीरभद्र
सिंह ने कहा कि इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि राज्य के भाजपा नेता
उनके विरुद्ध किस प्रकार की नीति अपनाते हैं। जब कभी भी उनके राजनीतिक
प्रतिद्वंद्वियों ने उन्हें नीचा दिखाने की कोशिश की, राज्य के लोग उनके
साथ चट्टान की तरह खड़े रहे और हमेशा साथ रहेंगे।
उन्होंने कहा कि प्रदेश की निर्विरोध चुनी गई 114 ग्राम पंचायतों में प्रत्येक को 10 लाख रुपये की राशि प्रदान की जाएगी। वीरभद्र सिंह ने कांग्रेस विचारधारा से जुड़े अधिकांश ग्राम पंचायत प्रधानों एवं पंचायत समिति सदस्यों को चुनने के लिए लोगों का आभार भी जताया।