मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने केक काटकर अपना 84वां बर्थडे मनाया। उनके निजी निवास हालीलॉज में जश्न का माहौल रहा। ऐसे खुशी के मौके पर हिमाचल निर्माता यशवंत सिंह परमार, माता और पिता की याद आती है। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने यह बात अपने 84वां बर्थडे पर कही।
विज्ञापन
2 of 6
हिमाचल में इसी साल विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे इस उम्र में भी हर तरह की चुनौती के लिए तैयार हैं। सीएम के जन्मदिन पर उनके निजी निवास हालीलॉज में जश्न का माहौल रहा। सुबह 7 बजे से हालीलॉज में लोगों का हजूम उमड़ने लगा। मंत्रियों समेत सरकार के उच्च पदों पर बैठे अधिकारियों ने उन्हें 84वें जन्मदिन पर बधाई दी।
विज्ञापन
3 of 6
जश्न दोपहर बाद तक चलता रहा। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को शुक्रवार को सोलन में शूलिनी मेले का उद्घाटन करने जाना था, लेकिन समर्थकों के उत्साह के चलते उन्होंने अपना दौरा स्थगित कर दिया। संजौली में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के जन्मदिन पर रक्तदान शिविर लगाया गया। दोपहर को उन्होंने इस आयोजन में शिरकत की।
4 of 6
दोपहर बाद मुख्यमंत्री का सचिवालय में आने का कार्यक्रम भी मिलने वाले लोगों की भारी भीड़ के चलते निरस्त कर दिया गया। वीरभद्र सिंह वर्ष 1962 में महासू लोक सभा सीट के सांसद बने थे। वे छह बार हिमाचल के मुख्यमंत्री बन चुके हैं।
विज्ञापन
5 of 6
राजनीतिक जीवन में उनके 55 साल हो गए हैं। वे केंद्रीय इस्पात मंत्री और अन्य केंद्रीय मंत्री भी रह चुके हैं। वीरभद्र सिंह पहले 1983 से 1985, 1985 से 1990, 1993 से 1998, 1998 में दोबारा कुछ समय के लिए और 2003 से 2009 तक सीएम रहे।
वर्ष 2012 से लेकर अब तक भी मुख्यमंत्री हैं। वे चार बार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रहे हैं। वर्ष 1998 से वर्ष 2003 तक विपक्ष के नेता भी रहे। 1962 से लेकर 1967, 1967 से 1970, 1971 से 1977, 1980 से 1983 और वर्ष 2009 से लेकर वर्ष 2012 तक सांसद भी रहे।