फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हिमाचल सरकार के एक साल पर सीएम जयराम का इंटरव्यू, जानिए क्या कहा

Thu, 27 Dec 2018 10:45 AM IST
अरविन्द ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, धर्मशाला
विज्ञापन
1 of 13
हिमाचल में जयराम सरकार एक साल का कार्यकाल पूरा होने पर धर्मशाला में वीरवार को पीएम मोदी की मौजूदगी में जन आभार रैली कर रही है। सरकारी खर्चे से मोदी की रैली पर विपक्ष के सवालों के बीच मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने ‘अमर उजाला’ के संवाददाता सुनील चड्ढा से एक वर्ष की उपलब्धियों समेत विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत बातचीत की। पेश हैं मुख्य अंश:
विज्ञापन

2 of 13
प्रश्न : एक साल में अपनी सबसे बड़ी उपलब्धि क्या मानते हैं? 
उत्तर : हिमाचल की जनता की रूह में उतर जाना हमारी सबसे बड़ी कामयाबी रही। एक साल में मैंने प्रदेश के 68 में से 63 विधानसभा क्षेत्रों का दौरा किया। आज तक के किसी भी मुख्यमंत्री के कार्यकाल का यह सबसे ज्यादा प्रवास है। जनमंच कार्यक्रम बड़ी उपलब्धि रही है। अब लोगों को दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते। पहली कैबिनेट बैठक में 70 साल से ऊपर आयु वर्ग के सभी बुजुर्गों के लिए पेंशन शुरू की। कांग्रेस सत्ता में आते ही पहली कैबिनेट में राजनीतिक प्रतिशोध की भावना वाले निर्णय लेती थी। पीएम नरेंद्र मोदी ने उज्ज्वला योजना के तहत हर घर में गैस चूल्हा दिया। हिमाचल में एक लाख परिवार गैस कनेक्शन से छूट रहे थे। हम उनमें से 35 हजार को गैस का चूल्हा दे चुके हैं। एक साल में कोई घोटाला नहीं हुआ। 
विज्ञापन

3 of 13
प्रश्न : पिछले बजट में घोषित 30 में से अधिकतर योजनाएं जैसे स्कूल वर्दी, छात्रों को पानी की बोतल देना, एक दिन पुस्तक दिवस मनाना, धरातल पर कहां दिख रही हैं?  
उत्तर : नई योजनाओं को धरातल पर उतारने में वक्त लगता है। 30 योजनाओं को शुरू करने की बात हमने बजट में कही थी। उनमें से अधिकतर धरातल पर हैं। वर्दी की योजना में विलंब हुआ है, घोटाला नहीं।   

4 of 13
प्रश्न : विपक्ष का आरोप है कि प्रदेश पर 49 हजार करोड़ के कर्ज के बावजूद आपने पीएम की रैली के लिए कर्जा लेकर सरकारी तंत्र का दुरुपयोग किया? 
उत्तर : हिमाचल में देश के प्रधानमंत्री आ रहे हैं। प्रदेश की जनता इस कार्यक्रम का हिस्सा बनना चाहती है, तो कांग्रेस को परेशानी क्या है। कांग्रेस ने सत्ता में रहते मंडी में पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी की रैली करवा दी थी। आखिर कांग्रेस ने सरकारी खर्चे पर राहुल गांधी की रैली किस हैसियत से करवाई, वो भी चुनाव आचार संहिता से पांच दिन पहले। रैली में एचआरटीसी की बसें लगाई गईं। मुझे बताया गया कि राहुल की विकास रैली में एचआरटीसी बसों का 75 लाख रुपये किराया देने को है। रिपोर्ट मांगी तो पता चला कि वीरभद्र सरकार ने कैबिनेट में ही फैसला ले रखा था कि राहुल की रैली सरकारी रैली होगी। राहुल उस समय सिर्फ सांसद और कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष थे। वीरभद्र सरकार के समय हुई इस गड़बड़ी को लेकर सरकार कार्रवाई करेगी।  
विज्ञापन

5 of 13
प्रश्न : शीत सत्र में सदन के भीतर मंत्रियों की खराब परफारमेंस से आप नाराज बताए जा रहे हैैं। क्या कुछ मंत्रियों के पोर्टफोलियो बदल रहे हैं?  
उत्तर : किसी भी मंत्री को अपने विभाग को समझने में समय लगता है, इसमें दोराय नहीं। सभी ने इसे समझा भी। नाराजगी की बात नहीं है, लेकिन मंत्रियों को मेहनत करनी होगी। जब मैं पूरा साल एक भी छुट्टी न लेकर काम कर सकता हूं तो यह स्वभाव सभी मंत्रियों को समझना पड़ेगा। अगर मंत्रिमंडल में फेरबदल की आवश्यकता रहेगी तो पार्टी नेतृत्व से चर्चा कर सब संभावनाएं विद्यमान रहती हैं।  
विज्ञापन

6 of 13
प्रश्न : वादे के बावजूद सारा सरकारी सिस्टम 6 महीने में ऑनलाइन नहीं हो पाया? 
उत्तर : ज्यादातर विभाग ऑनलाइन हैं। कुछेक में विलंब जरूर हुआ है, लेकिन हम आगे बढ़ रहे हैं।  
प्रश्न : निगमों-बोर्डों में कई बड़े पद खाली हैं, कब तक होंगी नियुक्तियां? 
उत्तर : अधिकतर नियुक्तियां हो गई हैं। शेष पर सरकार और संगठन में चर्चा होती रहती है। भविष्य में संभावना हो सकती है।   
विज्ञापन

7 of 13
प्रश्न : धर्मशाला रैली के दिन सरकार के खिलाफ कांग्रेस की चार्जशीट का जवाब कैसे देंगे? 
प्रश्न : हमारे पास तो कांग्रेस की 5 साल के कार्यकाल की चार्जशीट है। कांग्रेस के प्रमुख लोग उसमें शामिल हैं। मैं चाहता तो चार्जशीट के आधार पर कांग्रेस के प्रमुख लोगों के खिलाफ केस करवाता, लेकिन मैंने ऐसा नहीं किया। इस अनावश्यक परंपरा को रोकना चाहिए। अगर वे चार्जशीट ला ही रहे हैं तो हम भी उनकी चार्जशीट पर नजर दौड़ाएंगे। 

8 of 13
प्रश्न : विपक्ष आप पर क्षेत्रवाद के आरोप लगा रहा है। मंडी को विकास में ज्यादा तरजीह आखिर क्यों? 
प्रश्न: मैं सिर्फ मंडी को ही तरजीह देता तो क्या 1 साल में 68 में से 63 विस क्षेत्रों का दौरा कर पाता। कांग्रेस ने खुद हमेशा क्षेत्रवाद की राजनीति की। मैं मंडी का नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश का सीएम हूं। हर क्षेत्र में गया हूं। वीरभद्र बताएं कि वह हिमाचल में कितने घूमते थे।  

9 of 13
मुख्यमंत्री कहना है कि एक साल के कार्यकाल में कई तरह से आर्थिक बोझ घटाया। निगमों-बोर्डों में अध्यक्षों- उपाध्यक्षों की नियुक्ति सरकार बनने के 10 माह बाद की, जबकि कांग्रेस ने 10वें दिन ही यह काम कर दिया था। कांग्रेस के मंत्रियों ने साढ़े तीन लाख किलोमीटर तक गाड़ियां चला रखी थीं, हमारे मंत्रियों के पास वही वाहन हैं। आर्थिक बोझ न पड़े, इसके लिए हम दो-दो, तीन-तीन कर के गाड़ियां खरीद रहे हैं। कांग्रेस ने अपनी सरकार में तीसरी कैबिनेट में ही मंत्रियों और सीपीएस को नई गाड़ियां दे दी थीं।  

10 of 13
कांग्रेस के लिए सत्ता का अभिप्राय खाना-पीना मौज उड़ाना 
जयराम ठाकुर कहते हैं कि कांग्रेस के लिए सत्ता का अभिप्राय खाना-पीना मौज उड़ाना है। हम संस्थान राजनीतिक आधार पर नहीं जरूरत के अनुसार खोल रहे हैं। नए संस्थान खोलने पर रोक है। जो खोले हैं, उन्हें चलाने पर फोकस किया जा रहा। कांग्रेस ने सारी व्यवस्था अस्त-व्यस्त कर दी थी। उससे प्रदेश को निकालने में समय लगेगा।  

11 of 13
उड़ान 2 योजना जनवरी के अंत तक
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के समय सांसें गिन रहे पर्यटन उद्योग को हमने ऑक्सीजन दी। इसके केंद्र की मदद ली। पर्यटन विक ास के लिए 1900 करोड़ का प्रोजेक्ट बनाकर केंद्र को भेजा, जिसे स्वीकृति मिली है। रोहड़ू का सांसल, मंडी के जंजैहली, कमरूनाग, बीड़ बिलिंग और पौंग डैम को विकसित किया जा रहा है। पर्यटकों को लुभाने के लिए उड़ान 2 योजना की शुरुआत होनी है। इसके लिए हिमाचल ने पवनहंस के साथ एमओयू किया है। जनवरी के अंत तक चंडीगढ़-शिमला, शिमला-कुल्लू और शिमला-धर्मशाला उड़ानें शुरू होंगी। हफ्ते में तीन दिन मैंने अपना हेलीकॉप्टर भी पर्यटन के लिए दे दिया। 

12 of 13
कांग्रेस केंद्र से एक पैसा नहीं लाई, हम 9 हजार के प्रोजेक्ट लाए 
सीएम ने कहा कि हिमाचल में संसाधन कम हैं। विकास के लिए हमने केंद्र से नए विजन के साथ मदद ली। हमने 9 माह के कार्यकाल में पर्यटन, बागवानी, आईपीएच आदि विभागों से प्रोजेक्ट बनाकर केंद्र से 9000 करोड़ रुपये स्वीकृत करवाए, जबकि कांग्रेस कार्यकाल में कोई बड़ा प्रोजेक्ट तैयार नहीं किया था। वह केंद्र से रूटीन फंडिंग पर निर्भर रहते थे। धर्मशाला में इन्वेस्टर मीट होने से रोजगार और आर्थिक संबल में बूम आएगा।
विज्ञापन

13 of 13
लोन चुकाने को लेना पड़ रहा लोन 
सरकार पर 49 हजार करोड़ रुपये के कर्ज के प्रश्न पर मुख्यमंत्री चिंतित दिखे। उन्होंने कहा कि ऋण चुकाने के लिए ही हमें लोनिंग करनी पड़ती है। हालांकि कांग्रेस की तुलना में हमने कम लोन लिया है।  
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें