हिमाचल में देर रात तीन जगह बादल फटने से भारी तबाही हुई है।कुल्लू के मनाली से सटी ऊझी घाटी के ब्राण में करीब ढाई बजे धौलाधार और पीरपंजाल की ढूढूजोत की पहाडि़यों पर बादल फटने से बाढ़ आ गई।
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इससे सड़कों पर खड़ीं आधा दर्जन गाडि़यां, चार पुलियां और पेयजल स्कीम बह गई।
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ब्राण को जाने वाली सड़क भी तहस-नहस हो गई। 18 मील में डंगा ढहने से कुल्लू-मनाली हाईवे आठ घंटे ठप रहा। पतलीकूहल से वाम तट होकर गाडि़यों को भेजा गया।
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ऊझी घाटी में गहरी नींद में सोए तीन गांवों ब्राण, डोभा और ब्राह्मण बेहड़ के लोग अचानक हुए धमाके से दहशत में आ गए। लोगों में अफरातफरी मच गई।
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भारी बारिश में सभी अपने घरों को छोड़कर भागे और जंगल में रात बिताई। उधर, बघेईगढ़ के कंगेला गांव के बाशिंदे भी पूरी रात नहीं सो नहीं पाए। लोगों ने जागकर ही रात गुजारी।
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ऊझी घाटी के ब्राण में सेब और नाशपाती के तीन बीघा बगीचे दलदल में बदल गए हैं। हाईवे से ब्राण को जोड़ने वाली सड़क जगह-जगह से क्षतिग्रस्त हो गई है।
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दलदल में तबदील सड़क से तीन गांवों के लोगों की सेब-नाशपाती के सीजन में परेशानी बढ़ गई है।
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बादल फटने से जानी नुकसान नहीं हुआ है। कुछ गाडि़यां बही हैं। मशीनरी लगाकर कुल्लू-मनाली हाईवे को बुधवार सुबह नौ बजे यातायात के लिए बहाल कर दिया है। नुकसान का जायजा लिया जा रहा है। - रमन घरसंगी, एसडीएम मनाली
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पुलियों के बहने से बुधवार को कंगेला प्राथमिक पाठशाला में स्कूली बच्चे और स्टाफ सदस्य नहीं पहुंच पाए। लिहाजा, यहां दो दिनों का अवकाश घोषित किया गया है। वहीं, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बघेईगढ़ में परीक्षा देने के लिए स्कूली बच्चे नहीं पहुंच पाए।
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उधर, चंबा के चुराह हलके की बघेईगढ़ पंचायत कठवाड़ के नाले और टिकरीगढ़ पंचायत के नरेड़ नाले में भी बुधवार देर बादल फटने से भारी नुकसान हुआ है। कठवाड़ में आठ घराट बह गए जबकि नकरोड़-बघेईगढ़-चरड़ा-चांजू सड़क 60 मीटर तक क्षतिग्रस्त हो गई।
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बादल फटने से हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है। सड़कों के क्षतिग्रस्त होने की वजह से अब वाहनों की अदला-बदली कर लोगों को राहत पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। - हेम चंद वर्मा, एसडीएम तीसा
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चार पंचायतों का संपर्क कट गया है। कंगेला से कठवाड़ के लिए बिछाई पेयजल लाइन, कंगेला के लिए बिछाई डेढ़ किलोमीटर बिजली लाइन और एक दर्जन खंभे क्षतिग्रस्त हो गए। कठवाड़ गांव का श्मशानघाट, नाले पर बनीं तीन पुलियां और नाले से सटी आधा दर्जन से अधिक लोगों की उपजाऊ जमीन बाढ़ की भेंट चढ़ गई।
टिकरीगढ़ के नरेड़ नाले में बाढ़ से कई लोगों की जमीन बह गई। लोक निर्माण विभाग के तीसा मंडल को 25 लाख की चपत लगी है। बिजली बोर्ड को 10 लाख का नुकसान हुआ है। एसडीएम तीसा की अगुवाई में पटवारी और कानूनगो ने मौके पर पहुंच कर नुकसान का जायजा लिया है।