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आंसू, ढांढस और इंतजार: हिमाचल में भयंकर बाढ़ में बहे 36 लोगों का सुराग नहीं, कोने-कोने में तलाश; तस्वीरें

Sat, 03 Aug 2024 03:05 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
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Cloudburst in Himachal - फोटो : अमर उजाला
Himachal Pradesh Cloudburst: बादल फटने से बुधवार आधी रात को रामपुर बुशहर के समेज खड्ड में आई भयंकर बाढ़ में बहे 36 लोगों का दूसरे दिन भी सुराग नहीं लग पाया। शुक्रवार तड़के पांच बजे से स्थानीय प्रशासन, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस, आपदा प्रबंधन टीम, होमगार्ड, आईटीबीपी, बायल से आए भारतीय सेना के जवान बारिश में भी खड्ड के आसपास और मलबे में लापता लोगों को खोजते रहे पर शाम तक कोई कामयाबी नहीं मिली। 

वहीं लापता लोगों के परिजन और उनके रिश्तेदार भी अपने लोगों को तलाश करते रहे। दोपहर 12 बजे बारिश होने पर रेस्क्यू टीम को परेशानी हुई। इसके बावजूद टीम डटी रही। समेज में अभी तक 20 परिवारों को प्रशासन की ओर से फौरी राहत राशि दी गई है। हर परिवार को 15-15 हजार रुपये दिए गए हैं। 
 
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Cloudburst in Himachal - फोटो : अमर उजाला
उपायुक्त अनुपम कश्यप ने कहा कि पीड़ित और प्रभावितों दोनों को फौरी राहत राशि जारी कर दी है। एक अगस्त देर शाम को ही राशि वितरित कर दी गई थी। उन्होंने कहा कि रेस्क्यू ऑपरेशन तीव्र गति से चला हुआ हैं। हमारा लक्ष्य हर लापता को ढूंढने का है। रेस्क्यू टीम में अनुभवी लोगों से मार्गदर्शन लिया जा रहा है। बिजली और पानी की व्यवस्था को भी जल्द बहाल कर दिया जाएगा। 85 किलोमीटर तक सर्च अभियान चला हुआ है। वहीं निरमंड प्रशासन की ओर से भी प्रभावितों को राहत राशि दी गई। इस दौरान प्रशासन और अन्य समाजसेवी संस्थाओं ने भी भोजन-पानी की व्यवस्था की थी।
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Cloudburst in Himachal - फोटो : अमर उजाला
मकान मालकिन को बचाते खुद भी बाढ़ में बह गए अजय
बीते दिन शिमला जिले के समेज में आई बाढ़ में कई ग्रामीण लापता हैं। इनमें सिरमौर के शिलाई विधानसभा क्षेत्र के दुगाना गांव का अजय पुंडीर भी शामिल है। परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। जानकारी के अनुसार अजय वहां एक पावर प्रोजेक्ट में सिविल ऑफिसर के तौर पर काम कर रहे हैं। अजय की लापता होने की खबर सुनते ही परिजन समेज पहुंचे हैं। परिजनों में अजय के चाचा सुमेर पुंडीर ने अमर उजाला को बताया कि बचे हुए आठ ग्रामीणों में से तीन लोग प्रोजेक्ट के कर्मचारी है।

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Cloudburst in Himachal - फोटो : अमर उजाला
प्रोजेक्ट के कर्मचारियों ने उन्हें बताया कि अजय को फोन पर सूचना मिल गई थी कि बादल फटने से बाढ़ आई है। जिस मकान में वह रहते थे, वहां से उन्होंने अपने स्टाफ और अन्य लोगों को बचाया। एक बार अजय सुरक्षित स्थान पर आ गए थे। इसी बीच उनको मकान मालकिन की याद आई। वह उनको बचाने के लिए मकान की निचली मंजिल पर चले गए। चंद ही मिनटों में पानी का सैलाब आया और अपने साथ दोनों को बहाकर ले गया। रामपुर के एसडीएम निशांत तोमर ने बताया कि लापता लोगों की खोज लगातार जारी है।
 
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Cloudburst in Himachal - फोटो : अमर उजाला
भूकंप की तरह आई आवाज, बाहर देखा के तो बह रहे थे लोग
रामपुर उपमंडल और निरमंड खंड के अंतर्गत समेज गांव में बुधवार देर रात समेज खड्ड में अचानक बाढ़ आने से मची तबाही का मंजर यादकर वीरवार रात भी लोग सो नहीं पाए। पिछली रात आई बाढ़ गहरे जख्म दे गई है। स्थानीय लोगों ने बताया कि बुधवार रात वह सो रहे थे। अचानक भूंकप की तरह जोर से आवाज आई। बाहर जाकर देखा तो आंखों के सामने लोग बाढ़ में बह रहे थे पर वह कुछ नहीं कर पाए। उनकी आंखों के सामने अंधेरा सा छा गया। वह लोगों को बचाने के लिए पूरी तरह लाचार थे।

 
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Cloudburst in Himachal - फोटो : अमर उजाला
उनका कहना है कि समेज में बिजली की व्यवस्था न होने से अंधेेरे में रहना पड़ रहा है। समेज खड्ड के पास उनका घर है, लेकिन तबाही को देखकर रातभर सो नहीं पा रहे हैं। स्थानीय लोगों को डर सता रहा है कि कहीं दोबारा आपदा न आ जाए। इशरा देवी, सुरेश कुमार और रूप सिंह ने बताया कि ऐसी आपदा आज तक नहीं देखी। उन्होंने दो रातें जागकर बिताई हैं। प्रभावित परिवारों का रहने का प्रबंध प्रशासन ने बुशहर सदन में किया है। 


 
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Cloudburst in Himachal - फोटो : अमर उजाला
आपदा : राजबन में दो बच्चों के शव मिले, मलाणा टनल से छह किए रेस्क्यू, 46 अभी लापता
हिमाचल प्रदेश में छह जगह बादल फटने की घटना के एक दिन बाद शुक्रवार को मंडी के राजबन में दो बच्चों के शव बरामद किए गए। वहीं मलाणा टनल में फंसे दो इंजीनियरों समेत छह लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया। रामपुर के समेज में 36 लोगों समेत 46 लोग अभी लापता हैं। समेज, बागीपुल, राजबन में सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस और होमगार्ड जवानों ने दिनभर सर्च ऑपरेशन चलाया। राजबन में अभी पांच लोग लापता हैं। लापता लोगों के परिजन और रिश्तेदार खुद भी अपनों को मलबे में ढूंढ रहे हैं।
 

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Cloudburst in Himachal - फोटो : अमर उजाला
चौहार घाटी के राजबन (तेरंग) में रेस्क्यू अभियान के दूसरे दिन लापता दो बच्चों अमन (9) और आर्यन (8) के शव बरामद हुए हैं तो इलाके में चीखपुकार मच गई। शुक्रवार सुबह 6:00 बजे सर्च ऑपरेशन में टीमों ने मोर्चा संभाल लिया जो दिन भर चला। मलबे में समाए दो रिहायशी मकानों का कुछ सामान भी सर्च ऑपरेशन में जुटी टीमों के हाथ लगा। 

 

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Cloudburst in Himachal - फोटो : अमर उजाला
उधर, मंडी के एडीएम मदन कुमार भी सर्च अभियान का जायजा लेने राजबन पहुंचे। राजबन में एहतियात के तौर पर 25 घरों को खाली करवा दिया गया है। इन घरों में रहने वाले लोगों के ठहरने की व्यवस्था गांव में ही खाली घरों में की गई है। प्रशासन ने पीड़ितों को राशन, मेडिकल किट और तिरपाल वितरित किए हैं। हादसे में जान गंवाने वालों के परिजनों को फौरी राहत के तौर पर 25-25 हजार रुपये जारी कर दिए हैं।

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Cloudburst in Himachal - फोटो : अमर उजाला
उधर, मलाणा परियोजना के पास बादल फटने के बाद मची तबाही से मलाणा गांव का संपर्क कट गया है। मलाणा जल विद्युत परियोजना में फंसे दो इंजीनियरों सौरव शर्मा, विशाल पांडे, ऑपरेटर डोला सिंह, वेंकटेश, सर्च शाफ्ट के ऑपरेटर टीकम राम और श्रीदेव को सुरक्षित निकाल लिया गया। एनडीआरएफ, पुलिस, पर्वतारोहण संस्थान मनाली, होमगार्ड और छापे राम नेगी रेस्क्यू दल ने संयुक्त रूप से फंसे लोगों को 34 घंटे बाद रेस्क्यू किया। उधर, रामपुर के समेज में लापता 36 लोगों का अब तक कोई सुराग नहीं लग पाया है।

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Cloudburst in Himachal - फोटो : अमर उजाला
लापता लोगों की ड्रोन से तलाश
मंडी के उपायुक्त अपूर्व देवगन ने बताया कि राजबन में खोज अभियान युद्धस्तर पर जारी है। अभी पांच लोग लापता हैं, जिनकी तलाश के लिए ड्रोन की सहायता भी ली जा रही है। हादसे वाले स्थान से नीचे की ओर खड्ड बहती है, जिसमें पानी का बहाव बहुत तेज है। अभी एक तीन माह की बच्ची और 11 साल की लड़की के अलावा तीन लोग लापता हैं।
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काजा के सगनम में बादल फटा, महिला की मौत
काजा उपमंडल के सगनम गांव में शुक्रवार शाम करीब पांच बजे बादल फटने से एक महिला की मौत हो गई। बादल फटने से बाढ़ के साथ आए मलबे में एक गाड़ी दब गई। मृतक महिला की पहचान जंगमो (55) पत्नी पदम दुर्जे निवासी सगनम के रूप में हुई है। अतिरिक्त उपायुक्त की अगुवाई में उपमंडलाधिकारी नागरिक, नायब तहसीलदार और भारतीय तिब्बत सीमा पुलिस बल की एक टुकड़ी और पुलिस दल बचाव कार्य में जुट गए हैं। 

 
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