यह जानकर आप हैरान होंगे की जब चंद्रमा और सूरज के पुत्र पुत्री के बीच प्रेम हुआ तो उन्होंने अपने मिलन के लिए नदी का रूप धारण किया और हमेशा के लिए एक हो गए। पढ़िए अनसुनी प्रेम कहानी..
विज्ञापन
दो नदियों की मोहब्बत की दास्तां, ऐसे हुआ 'अमर मिलन'
2 of 10
हिमाचल के लाहौल स्पीति जिले में अथाह सौंदर्य है। हिमालय की गोद में बसे इस जिले में चंद्रभागा नदी में अनोखा प्रवाह है। मान्यता अनुसार चंद्र नदी को चंद्रमा की पुत्री और भागा को सूर्य का पुत्र माना जाता है। तस्वीर में यह भागा नदी का मनमोहक नजारा है। आइए आपको सुनाते हैं इनके प्रेम की अमर प्रेम कहानी..
विज्ञापन
दो नदियों की मोहब्बत की दास्तां, ऐसे हुआ 'अमर मिलन'
3 of 10
दोनों के बीच प्रेम होने की बात पता चलते ही पूरे देव समाज में इसका विरोध शुरू हो गया। ऐसे में इनके विवाह होने की कोई संभावना नहीं थी। इसको देखते हुए चंद्र और भागा ने मिलन के लिए जल तत्व का रूप धारण किया और अपना ठिकाना लाहौल स्पीति में बनाया।
दो नदियों की मोहब्बत की दास्तां, ऐसे हुआ 'अमर मिलन'
4 of 10
ऊंची चोटियों से अलग अलग बहने के बाद चंद्र और भागा का मिलन तांदी नामक स्थान पर हुआ और यह हमेशा के लिए एक हो गए। लाहौल स्पीति में आज भी मां अपने बच्चों को दोनों की प्रेम कहानी के बारे में बताती हैं।
विज्ञापन
दो नदियों की मोहब्बत की दास्तां, ऐसे हुआ 'अमर मिलन'
5 of 10
चंद्रभागा को गंगा सा पवित्र माना जाता है। लोग अभी भी नदी की पवित्रता के कारण यहां अस्थियां बहाते हैं। जहां से चंद्र नदी बहती है, उसे रंगोली घाटी के नाम से जाना जाता है।
विज्ञापन
दो नदियों की मोहब्बत की दास्तां, ऐसे हुआ 'अमर मिलन'
6 of 10
भागा नदी के बहाव के स्थान को पत्तन घाटी के रूप से जाना जाता है। मिलने से पहले चंद्र और भाग के बीच के स्थान में एक बड़ी त्रिभुज की आकृति बनती है।्र
विज्ञापन
दो नदियों की मोहब्बत की दास्तां, ऐसे हुआ 'अमर मिलन'
7 of 10
इन नदियों के अलावा जंस्कर नदी, स्पीति नदी और पिन नदी भी लाहौल स्पीति से गुजरती है। यह लाहौल घाटी के उत्तर में बहती है। इसे भागा की ही सहायक नदी माना जाता है।
दो नदियों की मोहब्बत की दास्तां, ऐसे हुआ 'अमर मिलन'
8 of 10
लाहौल में प्रवेश करते ही सबसे पहले मनमोहक चंद्र घाटी के दर्शन होते हैं। बर्फ के बीच चंद्र नदी का नजारा कुछ इस तरह का होता है।
दो नदियों की मोहब्बत की दास्तां, ऐसे हुआ 'अमर मिलन'
9 of 10
यहां पर बौद्ध धर्म से जुड़े अधिक लोग हैं। पट्टन घाटी में बौद्ध धर्म का काफी प्रसार हुआ माना जाता है लेकिन यहां पर अधिकतर हिंदू लोग ही रहते हैं।