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चमोली जलप्रलय से कुछ देर पहले टनल के निरीक्षण को गए थे हिमाचल के जीत सिंह

Fri, 19 Feb 2021 11:48 AM IST
Krishan Singh सुरेश तोमर, पांवटा साहिब (सिरमौर)
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लापता उपमहाप्रबंधक (डीजीएम) जीत सिंह ठाकुर - फोटो : अमर उजाला
चमोली जलप्रलय के 12 दिन बाद भी हिमाचल प्रदेश के पांवटा के उपमहाप्रबंधक (डीजीएम) जीत सिंह ठाकुर समेत प्रदेश के आठ लोग लापता है। मौके पर डटे जीत के भाई घनश्याम का कहना है कि हर दिन इस उम्मीद के साथ मौके पर पहुंचते है कि बड़े भाई का कुछ पता चल जाए। तपोवन प्रोजेक्ट स्थल पर रविवार को भाई ड्यूटी पर नहीं जाते थे। त्रासदी वाले दिन रविवार को बार-बार एक वेंडर उन्हें कॉल कर रहा था। 
 
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- फोटो : अमर उजाला
 वह टनल के भीतर निरीक्षण करने का आग्रह कर रहा था। इस पर भाई जीत सिंह टनल के भीतर चले गए। आपदा के कुछ प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जीत सिंह ठाकुर के टनल में प्रवेश करने के 10 मिनट बाद ग्लेशियर टूटने से भयानक जलजला आ गया। 
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- फोटो : अमर उजाला
उत्तराखंड के चमोली में बचाव अभियान लगातार जारी है। हिमाचल सरकार ने एसडीएम पांवटा एलआर वर्मा के नेतृत्व में एक टीम को मौके पर तैनात किया है। एसडीएम पांवटा ने गुरुवार को मौके से लापता लोगों के परिजनों के लिए एक और वीडियो क्लिप जारी की है।

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- फोटो : अमर उजाला
 इस क्लिप में उन्होंने राहत व बचाव कार्य जोरशोर से होने की जानकारी दी है। परिजनों से उम्मीद बंधाने का प्रयास किया है कि टनल में फंसे लोगों को शीघ्र निकाल लिया जाएगा। 
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- फोटो : अमर उजाला
गौरा देवी की जन्मस्थली है रैणी गांव
घनश्याम ठाकुर ने बताया कि उत्तराखंड ऋषि गंगा पावर प्रोजेक्ट रैणी गांव के पास स्थापित है। रैणी गांव विश्व प्रसिद्ध पर्यावरणविद और चिपको आंदोलन की जननी गौरा देवी की जन्मस्थली भी है। गौरा देवी का यही रैणी गांव अब आपदा में तहस-नहस हो गया है।
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