एक साथ जली पांच युवाओं की चिताएं, मंजर देख हर कोई रोया, तस्वीरें
Sun, 04 Sep 2016 06:41 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नगरोटा सूरियां (कांगड़ा)
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हजारों लोगों ने ऐसा दर्दनाक मंजर पहली बार देखा। एक ही गांव के पांच युवाओं की चिताएं एक साथ जल रही थी। गांव चीख पुकारों से गूंज उठा। हर कोई ये मंजर देख अपने आंसू नहीं थाम पाया। हिमाचल के चंबा के जोत के पास सड़क हादसे में मारे गए कांगड़ा के बासा पंचायत के पांचों युवाओं का नगरोटा सूरियां के श्मशानघाट में शनिवार को एक-साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया।
- फोटो : अमर उजाला
हजारों लोगों ने ऐसा दर्दनाक मंजर पहली बार देखा। एक ही गांव के पांच युवाओं की चिताएं एक साथ जल रही थी। गांव चीख पुकारों से गूंज उठा। हर कोई ये मंजर देख अपने आंसू नहीं थाम पाया। हिमाचल के चंबा के जोत के पास सड़क हादसे में मारे गए कांगड़ा के बासा पंचायत के पांचों युवाओं का नगरोटा सूरियां के श्मशानघाट में शनिवार को एक-साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया।
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पांचों के शव जब एक साथ गांव से श्मशानघाट के लिए निकले तो गांव चीख पुकार से गूंज उठा। एक दिन पहले तक जो हंसी खुशी घर से मणिमहेश यात्रा पर निकले थे अब कांधों पर शमशान के लिए ले जाए जा रहे थे।
- फोटो : अमर उजाला
पांचों के शव जब एक साथ गांव से श्मशानघाट के लिए निकले तो गांव चीख पुकार से गूंज उठा। एक दिन पहले तक जो हंसी खुशी घर से मणिमहेश यात्रा पर निकले थे अब कांधों पर शमशान के लिए ले जाए जा रहे थे।
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अंतिम संस्कार में आसपास की करीब 25 पंचायतों के हजारों की संख्या में लोग सुबह ही श्मशामघाट पहुंच गए थे। श्मशानघाट में जब पांच अलग-अलग चिताओं पर पांचों मृतक युवकों को लिटाया गया तो सभी की आंखें नम हो गईं।
- फोटो : अमर उजाला
अंतिम संस्कार में आसपास की करीब 25 पंचायतों के हजारों की संख्या में लोग सुबह ही श्मशामघाट पहुंच गए थे। श्मशानघाट में जब पांच अलग-अलग चिताओं पर पांचों मृतक युवकों को लिटाया गया तो सभी की आंखें नम हो गईं।
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सभी के मुख से एक ही आवाज निकल रही थी कि एक साथ इतनी चिताएं जलती जिदंगी में पहली बार देखी। बासा गांव के 15 युवक दो अलग-अलग गाड़ियों में 2 सितंबर को नगरोटा सूरियां से मणिमहेश के लिए निकले थे।
- फोटो : अमर उजाला
सभी के मुख से एक ही आवाज निकल रही थी कि एक साथ इतनी चिताएं जलती जिदंगी में पहली बार देखी। बासा गांव के 15 युवक दो अलग-अलग गाड़ियों में 2 सितंबर को नगरोटा सूरियां से मणिमहेश के लिए निकले थे।
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यात्रा पर जाते समय चंबा से पीछे ही जोत के पास एक गाड़ी (टाटा सूमो) बस को पास देते समय पलट गईं। सूमो में सवार दस युवकों में से छह की मौत हो गई। इनमें पांच बासा गांव के एक ही मोहल्ले के थे, जबकि एक नगरोटा सूरियां से 10 किमी दूर पनाल्थ गांव का था।
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पांचों मृतक युवाओं के पार्थिव शरीर जब बासा गांव में आधी रात को पहुंचे तो पूरा मोहल्ला चीखों से गूंज उठा। सबसे मार्मिक हालत तो उन तीन परिवारों की थी जिनके इकलौते बेटे काल के ग्रास बने हैं। तीनों इकलौते बेटों में एक की शादी तो अभी अप्रैल महीने में ही हुई थी।
- फोटो : अमर उजाला
पांचों मृतक युवाओं के पार्थिव शरीर जब बासा गांव में आधी रात को पहुंचे तो पूरा मोहल्ला चीखों से गूंज उठा। सबसे मार्मिक हालत तो उन तीन परिवारों की थी जिनके इकलौते बेटे काल के ग्रास बने हैं। तीनों इकलौते बेटों में एक की शादी तो अभी अप्रैल महीने में ही हुई थी।
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पांचों के अंतिम संस्कार में अन्य पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष चंद्र कुमार, पूर्व मंत्री हरबंस राणा, जिला भाजपा अध्यक्ष ठाकुर अर्जुन सिंह और भाजपा औद्योगिक प्रकोष्ठ के पूर्व राज्य संयोजक संजय गुलेरिया भी शामिल हुए और मृतक युवाओं के घर जाकर परिजनों को सांत्वना दी।
- फोटो : अमर उजाला
पांचों के अंतिम संस्कार में अन्य पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष चंद्र कुमार, पूर्व मंत्री हरबंस राणा, जिला भाजपा अध्यक्ष ठाकुर अर्जुन सिंह और भाजपा औद्योगिक प्रकोष्ठ के पूर्व राज्य संयोजक संजय गुलेरिया भी शामिल हुए और मृतक युवाओं के घर जाकर परिजनों को सांत्वना दी।
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छठे मृतक युवक की अंत्येष्टि भी आज उसके पैतृक गांव पनाल्थ के श्मशानघाट में की गई। बासा गांव सहित आसपास की सभी पंचायतें बीते कल से ही शोक में डूब गयीं थी।
- फोटो : अमर उजाला
छठे मृतक युवक की अंत्येष्टि भी आज उसके पैतृक गांव पनाल्थ के श्मशानघाट में की गई। बासा गांव सहित आसपास की सभी पंचायतें बीते कल से ही शोक में डूब गयीं थी।
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घटना की सूचना से हर किसी की आंख नम थी। शोक में शनिवार को नगरोटा सूरियां बाजार भी पूरी तरह बंद रहा।
- फोटो : अमर उजाला
घटना की सूचना से हर किसी की आंख नम थी। शोक में शनिवार को नगरोटा सूरियां बाजार भी पूरी तरह बंद रहा।